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जयपुर के बगरू में CJP और ग्रामीणों के बीच झड़प: 48 घंटे में गिरफ्तारी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP Ashutosh Ranka Attacked: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सटे बगरू इलाके के रामपुरा कंवरपुरा गांव में शुक्रवार सुबह जमकर हंगामा हुआ।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने कार्यकर्ताओं और महिला समर्थकों के साथ गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

जैसे ही CJP की टीम स्कूल के पास पहुंची, वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और विरोध करना शुरू कर दिया।

निरीक्षण करने पहुंचे थे, ग्रामीणों ने मिट्टी फेंककर खदेड़ा

देखते ही देखते बात बहस से शुरू होकर मारपीट और पथराव तक पहुंच गई।

ग्रामीणों ने CJP नेताओं को पीट-पीटकर गांव से खदेड़ दिया।

इस दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, मोबाइल फोन फोड़ दिए गए और पार्टी के झंडों-बैनरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

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महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता और मिट्टी फेंकने के आरोप

घटना स्थल पर मौजूद CJP की महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे शांतिपूर्ण ढंग से स्कूल की बदहाली देखने आई थीं, तब गांव के कुछ लोगों ने उन पर मिट्टी फेंकी और धक्का-मुक्की की।

CJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें ग्रामीणों द्वारा “आतंकवादी” और “नक्सली” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया।

महिला कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुरुषों ने उनके साथ मारपीट की और अभद्रता की हदें पार कर दीं।

इस पूरी घटना के दौरान आशुतोष रांका की शर्ट फट गई और उनके एक वॉलंटियर का हाथ फ्रैक्चर हो गया।

ग्रामीणों का पक्ष: “स्कूल के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं”

दूसरी ओर, रामपुरा गांव के निवासियों का कहना कुछ और ही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह के समय कुछ बाहरी लोग गांव में पहुंचे थे, जिन्होंने खुद को CJP का सदस्य बताया।

ग्रामीणों ने उनसे शांति से निवेदन किया था कि वे गांव में न आएं और स्कूल के नाम पर राजनीति न करें।

ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद लगभग दो घंटे बाद CJP के नेता हथियारबंद लोगों और गाड़ियों के काफिले के साथ गांव में जबरन घुसने लगे।

ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने किसी महिला के साथ बदसलूकी नहीं की, बल्कि गांव के माहौल को खराब होने से बचाने के लिए उन लोगों को भगाया।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने स्तर पर या सरकार से कहकर स्कूल की मरम्मत करवा लेंगे, लेकिन किसी बाहरी राजनीतिक दल को गांव में माहौल बिगाड़ने नहीं देंगे।

ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर गांव की नाकाबंदी

CJP नेताओं के आगमन की भनक लगते ही ग्रामीणों ने सुबह से ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

गांव के मुख्य प्रवेश मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करके रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया था।

आने-जाने वाली हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही थी ताकि CJP के कार्यकर्ता गांव में प्रवेश न कर सकें।

इसके साथ ही ग्रामीण सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए और पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जर्जर स्थिति में चल रहा है स्कूल: भैंसों के बाड़े के पास पढ़ने को मजबूर बच्चे

जिस स्कूल को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, उसकी स्थिति बेहद दयनीय है।

रामपुरा गांव का राजकीय प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है।

छत गिरन के डर से लोहे के एंगल लगाए गए हैं और हादसों से बचने के लिए मूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है।

फिलहाल, बच्चों को स्कूल से महज 50 मीटर दूर एक बाड़े (तबेले) में टीनशेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है।

बच्चों के बैठने की जगह के ठीक बगल में मवेशियों का चारा रखा रहता है।

दीवारों की ईंटें झड़ रही हैं और बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का कहना था कि वे इसी बदहाली को उजागर करने आए थे, जिसे छिपाने के लिए उन पर हमला करवाया गया।

आशुतोष रांका का भाजपा और शिक्षा मंत्री पर बड़ा आरोप

हमले के बाद आशुतोष रांका ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरी घटना को सुनियोजित बताया।

उन्होंने सीधे तौर पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर हमला करवाने का आरोप लगाया।

रांका ने कहा, “आज पूरे देश ने भाजपा की गुंडागर्दी लाइव देखी है। यह हमला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इशारे पर हुआ है। पुलिस को पहले से जानकारी थी, फिर भी मौके पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए और इसे हमारा आपसी मामला बता दिया। हम सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हैं। यदि हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और स्कूल निरीक्षण रोकने का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो हम पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन करेंगे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।”

पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

CJP नेताओं ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

जब पूर्व सूचना के बावजूद ग्रामीणों ने रास्ता रोका और पथराव किया, तब पुलिस तमाशबीन बनी रही या मौके से गायब रही।

पहले भी हो चुका है CJP फाउंडर पर हमला

यह पहला मौका नहीं है जब CJP के किसी नेता पर जयपुर में हमला हुआ हो।

इससे पहले 15 जून 2026 को CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके पर भी जयपुर में हमला किया गया था।

अभिजीत नीट (NEET) पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने आए थे, जहां कुछ युवकों ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की थी।

जयपुर के बगरू में हुई यह घटना राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

एक तरफ जहां जर्जर स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों का भविष्य अधर में है, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे को लेकर शुरू हुई राजनीति अब हिंसक रूप ले चुकी है।

अब देखना यह होगा कि 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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