Ujjain Mahakal Holi Ban: उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर के दरबार में होली का उत्सव हमेशा से बहुत खास रहा है। लेकिन इस बार होली का रंग थोड़ा अलग नजर आएगा।
मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पूरे मंदिर परिसर और महाकाल लोक में रंग-गुलाल उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
यह फैसला साल 2024 हुए एक दुखद हादसे से सबक लेते हुए लिया गया है।
Holi 2026: महाकाल मंदिर में होली खेलने पर प्रतिबंध; रंग-गुलाल ले जाने पर भी होगी कार्रवाई, CCTV से निगरानी https://t.co/k5WeUxLIcl pic.twitter.com/BbtXL52DiR
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) February 28, 2026
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
साल 2024 में होली के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में भस्म आरती चल रही थी।
उस समय उत्साह में उड़ाए गए गुलाल के कारण अचानक भीषण आग भड़क गई थी।
इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसमें पुजारी समेत करीब 14 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
आग लगने का मुख्य कारण गुलाल में मौजूद केमिकल और भस्म आरती के दौरान जलने वाली आग का संपर्क माना गया था।

प्रशासन इस बार ऐसी किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।
जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश
आगामी 2 और 3 मार्च को मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रहेगी।
सुरक्षाकर्मी गेट पर ही हर श्रद्धालु के सामान की बारीकी से जांच करेंगे।
नियम इतने कड़े हैं कि सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि पुजारी, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मचारी और मंदिर के स्टाफ को भी रंग या गुलाल अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

मंदिर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और कंट्रोल रूम से इसकी लाइव मॉनिटरिंग होगी।
सिर्फ हर्बल गुलाल से होगी रस्म
परंपरा न टूटे, इसके लिए मंदिर समिति ने एक बीच का रास्ता निकाला है।
भगवान को गुलाल चढ़ाने की रस्म केवल प्रतीकात्मक होगी।
इसके लिए मंदिर की ‘कोठार शाखा’ द्वारा शुद्ध हर्बल गुलाल उपलब्ध कराया जाएगा।
हर आरती में सिर्फ 1-1 किलो गुलाल का ही उपयोग होगा, जिसे केवल मंदिर के पुजारी ही भगवान को अर्पित करेंगे।
बाहरी किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त रंग पर पूरी तरह रोक रहेगी।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान:
-
नंदी मंडपम, गणेश मंडपम और महाकाल लोक में रंग उड़ाना सख्त मना है।
-
किसी भी पिचकारी या रंग फैलाने वाले उपकरण का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
-
नियम तोड़ने वालों पर मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कुल मिलाकर, इस बार महाकाल में होली भक्ति और मर्यादा के साथ मनाई जाएगी, ताकि हर श्रद्धालु सुरक्षित रहकर बाबा के दर्शन कर सके।
