Homeन्यूजमेरठ 'ब्लू ड्रम हत्याकांड': पति की हत्या करने वाली पत्नी मुस्कान और...

मेरठ ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’: पति की हत्या करने वाली पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Muskan and Sahil death sentence: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित और दहला देने वाले ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुना दिया है।

जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने अपने पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या करने वाली पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा (फांसी) सुनाई है।

अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ (सबसे दुर्लभ से दुर्लभ) मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने का आदेश दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह सनसनीखेज घटना 3 मार्च 2025 की है। लंदन से लौटे सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।

साजिश के तहत पहले सौरभ को खाने में नशीली दवा देकर बेहोश किया गया, फिर सोते वक्त सीने में चाकू घोंपकर उसकी जान ले ली गई।

इसके बाद दरिंदगी की हदें पार करते हुए शव को बाथरूम में ले जाया गया, जहां साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ का सिर और दोनों हाथ धड़ से अलग कर दिए।

सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़ों को एक प्लास्टिक के नीले ड्रम में भरकर उसमें सीमेंट का घोल डाल दिया गया।

इसके बाद गुमराह करने के लिए मुस्कान अपने प्रेमी के साथ शिमला और मनाली घूमने चली गई और सोशल मीडिया पर लगातार तस्वीरें अपलोड करती रही।

सजा से पहले जज का सवाल और आरोपियों का जवाब

फैसला सुनाए जाने से पहले कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जेल में बंद मुस्कान और साहिल से उनका पक्ष जाना।

जज का सवाल: जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने मुस्कान से पूछा, “तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो?”

मुस्कान का जवाब: उसने रोते हुए या खामोशी तोड़ते हुए कहा, “मेरी बेटी छोटी है, उसका ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, जब यही सवाल साहिल से पूछा गया, तो वह चुपचाप सिर झुकाकर खड़ा रहा।

सजा का आधार बने ये मुख्य सबूत

अभियोजन पक्ष और पुलिस ने कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए, जो दोषियों को सजा दिलाने में अहम साबित हुए:

चश्मदीद गवाह: हत्या की रात साहिल को सौरभ के घर जाते हुए देखने वाले पड़ोसी का बयान।

आलाकत्ल की बरामदगी: हत्या में इस्तेमाल चाकू और उस्तरे पर मानव रक्त का मिलना।

तकनीकी सबूत: मुस्कान और साहिल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया चैट्स।

होटल फुटेज: शिमला और अन्य जगहों के होटलों के सीसीटीवी फुटेज और प्रबंधकों के बयान।

सामग्री की खरीद: ई-रिक्शा से सीमेंट और बालू की बोरी खरीदने वाले व्यापारी की गवाही।

कुल 22 गवाहों के बयानों और पुख्ता फोरेंसिक जांच ने इस मामले को सजा तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई।

पीड़ित परिवार की न्याय की गुहार

सौरभ की मां रेनू ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उनके बेटे की आत्मा को तभी शांति मिली है जब हत्यारों को उनके किए की सजा मिली है।

वहीं, सरकारी वकील केके चौबे ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाला जघन्य अपराध बताया, जिसके लिए मृत्युदंड ही एकमात्र सही न्याय था।

अदालत के इस फैसले से समाज में एक कड़ा संदेश गया है कि क्रूरता और अपनों के भरोसे को तोड़ने वाले अपराधियों को कानून बख्शता नहीं है।

#MeerutMurderCase #BlueDrumMurder #JusticeForSaurabh #CrimeNews #CourtUpdate #DeathSentence

- Advertisement -spot_img