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दिवाली की कमाई पर INDIA ब्लॉक की रैली का ब्रेक: CTI ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, कहा- न दें प्रदर्शन की इजाजत

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CTI letter to Delhi Police: राजधानी दिल्ली में राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों का सीधा असर अब आम व्यापारियों की रोजी-रोटी और शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है।

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. गठबंधन की एक विशाल रैली आयोजित की गई थी।

इस आयोजन के बाद व्यापारियों के प्रमुख संगठन ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) ने गंभीर चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखा है।

पुलिस कमिश्नर से गुहार: प्रमुख बाजारों और रामलीला मैदान में रैलियों पर लगे रोक

पत्र में स्पष्ट मांग की गई है कि भविष्य में दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक और सार्वजनिक केंद्रों—जैसे कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, रामलीला मैदान, इंडिया गेट और राजघाट—पर किसी भी तरह की रैली, धरने या मार्च की अनुमति न दी जाए।

इस विरोध के पीछे सबसे बड़ी वजह हालिया रैली से हुआ भारी आर्थिक नुकसान है।

दिवाली की कमाई पर असर: 2.5 लाख दुकानें रहीं बंद, 11 हजार करोड़ की भारी चपत

CTI और अन्य व्यापारिक संगठनों का दावा है कि इस एक दिन के आयोजन के कारण दिल्ली के व्यापारियों को लगभग 11 हजार करोड़ रुपये का कारोबारी घाटा सहना पड़ा है।

यह नुकसान इसलिए भी ज्यादा चुभने वाला है क्योंकि रैली दिवाली से ठीक पहले हुई, जो साल का वह समय होता है जब बाजारों में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है।

रैली में आने वाली भीड़, सुरक्षा इंतजामों और ट्रैफिक पर लगी पाबंदियों के कारण दिल्ली के 20 सबसे बड़े बाजारों की करीब 2.5 लाख दुकानों को अपना शटर गिराना पड़ा।

व्यापारियों (CTI) ने रैली से पहले राहुल गांधी को लिखी थीं 4 चिट्ठियां

व्यापारियों ने इस संकट को पहले ही भांप लिया था।

यही वजह है कि CTI ने रैली से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक-दो नहीं, बल्कि चार बार चिट्ठी लिखी थी।

इन पत्रों के जरिए यह चेतावनी दी गई थी कि रामलीला मैदान में इस तरह के विशाल जमावड़े से दिल्ली के कारोबार और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।

राहुल गांधी का पलटवार: ‘दुकानें हमने नहीं, BJP ने जबरन बंद करवाईं’

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले का ठीकरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर फोड़ा है।

रैली के दौरान एक वीडियो जारी करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस की तमाम दुकानें BJP ने जबरन बंद करवाई हैं।

उनका कहना था कि ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल होने आए लोगों से बाजारों में जाकर खरीदारी करने की अपील की गई थी, लेकिन जब लोग कनॉट प्लेस पहुंचे तो उन्हें वहां ताले लटके मिले।

राहुल ने जनता से यह विचार करने को कहा कि पर्दे के पीछे से उनका यह आर्थिक नुकसान कौन करवा रहा है।

दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन: ‘चलो दिल्ली’ मार्च के कारण दिनभर ठप रही दिल्ली की रफ्तार

गौरतलब है कि 1 नवंबर को INDIA गठबंधन का यह ‘चलो दिल्ली’ मार्च कनॉट प्लेस के मिंटो रोड जंक्शन से शुरू हुआ था।

इस शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और आरजेडी के तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेता शामिल हुए थे।

नेताओं और कार्यकर्ताओं के बड़े काफिले के पैदल मार्च के कारण कनॉट प्लेस से लेकर रामलीला मैदान तक पूरे दिन व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप रहीं।

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