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120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से टकराया ‘मुरासु’ तूफान: आंध्र में भारी तबाही, MP के 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Cyclone Murasu weather update: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।

इस तूफान का असर सिर्फ तटीय इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आ गया है।

एक तरफ जहां आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं और बारिश ने तबाही मचाई है, वहीं मध्य प्रदेश में भी अगले तीन दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

त्योहारी सीजन, खासकर धनतेरस और दिवाली की तैयारियों में जुटे लोगों के मन में अब यह सवाल है कि क्या यह बारिश उनके त्योहार का मजा किरकिरा कर देगी?

आधी रात को आंध्र प्रदेश तट से टकराया ‘मुरासु’

सोमवार की रात जब लोग सो रहे थे, करीब 1 बजे यह भयंकर चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया।

सुबह साढ़े तीन से साढ़े पांच बजे के बीच ओंगोल के पास इस तूफान ने तट को पार किया।

इस दौरान हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने सबकुछ झकझोर कर रख दिया।

करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली इन डरावनी हवाओं ने विजयवाड़ा और उसके आसपास के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है।

तेज आंधी की वजह से सड़कों के किनारे लगे हजारों पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए और कई इलाकों में बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।

समंदर किनारे बंधी मछुआरों की नावों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

मूसलाधार बारिश के चलते विजयवाड़ा समेत कई शहरों की सड़कें तालाब बन गई हैं और हाईवे पर पानी भर जाने से कई गाड़ियां फंसी हुई हैं।

यातायात और बचाव कार्य

खराब मौसम को देखते हुए एविएशन सेक्टर को भी बड़ा कदम उठाना पड़ा।

आंध्र प्रदेश के तीन अलग-अलग एयरपोर्ट्स से 19 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि चेन्नई से भी 11 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा।

हालात से निपटने के लिए पांच राज्यों में एनडीआरएफ (NDRF) की कुल 37 टीमें मुस्तैद की गई हैं, जिनमें से 13 अकेले आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों में डटी हैं।

मौसम विभाग (IMD) ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा बताया है।

बचाव कार्यों के तहत पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी एहतियात बरतते हुए पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में ‘मुरासु’ का असर और 23 जिलों में अलर्ट

समुद्र तट से दूर होने के बावजूद मध्य प्रदेश में भी इस तूफान का साफ असर देखने को मिल रहा है।

भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, एमपी में अगले 3 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा।

मंगलवार को जबलपुर सहित 23 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

जिन जिलों में मौसम खराब होने की आशंका है, उनमें जबलपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली शामिल हैं।

अगर आप इन जिलों में रहते हैं, तो घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट जरूर साथ रखें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

क्या धनतेरस की शॉपिंग पर फिरेगा पानी?

त्योहारों के इस समय में सबसे बड़ी चिंता बाजार जाने वालों और व्यापारियों को है। हालांकि, मौसम विभाग ने एक अच्छी खबर भी दी है।

4 और 5 नवंबर को बारिश का अलर्ट जरूर है, लेकिन 6 नवंबर यानी धनतेरस के दिन मौसम पूरी तरह साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान है।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन समेत बाकी कई जिलों (जैसे विदिशा, धार, रतलाम, सागर, रीवा आदि) में मौसम साफ ही रहेगा।

ऐसे में धनतेरस की खरीदारी में बारिश की कोई रुकावट नहीं आएगी और आप बेफिक्र होकर बाजार जा सकेंगे।

ठंड ने दी दस्तक, तापमान में आई गिरावट

बारिश और हवाओं के इस दौर ने मध्य प्रदेश में ठंड की एंट्री भी करा दी है।

प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे संभागों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1.7 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

हाल ही की रात में शाजापुर के गिरवर इलाके में सबसे कम 14.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम जानकारों का कहना है कि नवंबर के दूसरे हफ्ते से कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी।

खासकर ग्वालियर-चंबल इलाके में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरेगा।

इतिहास गवाह है कि नवंबर के महीने में ग्वालियर और उज्जैन में पारा 2 से 3 डिग्री तक भी जा चुका है।

कुल मिलाकर, ‘मुरासु’ तूफान ने सिर्फ बारिश ही नहीं कराई है, बल्कि मध्य प्रदेश में सर्दियों का आधिकारिक रूप से स्वागत भी कर दिया है।

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