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देश में भारी बारिश का तांडव: मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती से 49 जिलों में सूखे का खतरा

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather News: मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की चाल काफी सुस्त रही है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।

इस मानसूनी सीजन में प्रदेश भर में अब तक कुल 16.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश से लगभग 18 से 19 प्रतिशत कम है।

बारिश की इस कमी की वजह से राज्य के 55 जिलों में से 49 जिलों में हालात काफी खराब हो गए हैं और वहां सूखे जैसी स्थिति पैदा होने लगी है।

केवल 6 जिले ही ऐसे हैं जहां स्थिति थोड़ी बेहतर बनी हुई है।

संभागों और बड़े शहरों की क्या है स्थिति?

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के लगभग सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में चल रहा है।

वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुल 6 जिलों में ही सामान्य से अधिक पानी गिरा है।

प्रदेश के प्रमुख 5 बड़े शहरों का हाल देखें तो स्थिति और भी साफ हो जाती है:

  • ग्वालियर: यहां औसत से 7 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
  • भोपाल: सामान्य से 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
  • इंदौर: सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
  • उज्जैन: यहां औसत से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
  • जबलपुर: सबसे खराब स्थिति जबलपुर की है, जहां सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

जून के महीने में राज्य में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी।

हालांकि जुलाई की शुरुआत में कुछ दिनों तक अच्छी बारिश देखने को मिली, लेकिन उसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हो गया।

जुलाई के आखिरी हफ्ते में कुछ इलाकों में पानी गिरा, लेकिन फिर भी पूरा महीना औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश के साथ बीता।

मौसम विभाग के अनुसार, इस समय तक राज्य में करीब 20 इंच (507.2 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन केवल 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश ही दर्ज हो पाई है।

यानी कुल मिलाकर अभी तक सीजन के कोटे की आधी बारिश भी नहीं हो सकी है।

पिछले 24 घंटों का हाल और मौसम का नया सिस्टम

हालांकि, बीते 24 घंटों में कुछ राहत भरी खबर आई है।

प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हल्की से तेज बारिश दर्ज की गई।

सीधी जिले में सबसे ज्यादा 3 इंच पानी बरसा, जबकि ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में 1 इंच बारिश हुई।

इसके अलावा मैहर, शाजापुर, पन्ना, श्योपुर, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, नर्मदापुरम, धार, भोपाल, इंदौर और मंडला में भी अलग-अलग स्थानों पर पानी गिरा।

नर्मदापुरम में दिनभर तेज उमस के बाद शाम को अच्छी बारिश हुई।

मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, आने वाले 3 दिनों में प्रदेश के उत्तरी इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय हो गया है।

अगर यह सिस्टम मजबूत रहता है और लगातार पानी गिरता है, तो बारिश के कुल आंकड़ों में सुधार आने की पूरी उम्मीद है।

गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर समेत बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

देश के अन्य राज्यों में मानसून का तांडव

एक तरफ जहां मध्य प्रदेश बारिश का इंतजार कर रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश तबाही मचा रही है:

* उत्तराखंड: ऋषिकेश में गंगा नदी खतरे के निशान (वॉर्निंग लेवल) को पार कर चुकी है, जिससे घाटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।

चमोली में पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में मलबे के कारण केदारनाथ हाईवे पर कई गाड़ियां फंस गई हैं।

एहतियात के तौर पर देहरादून, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

* उत्तर प्रदेश: फर्रूखाबाद के 33 गांवों और 40 स्कूलों में गंगा का पानी भर गया है।

बलिया में कटान के कारण एक हफ्ते के अंदर 27 घर सरयू नदी में समा गए।

प्रतापगढ़ में लगातार हो रही बारिश से एक पुराना मकान गिरने से 6 लोगों की जान चली गई।

* असम: राज्य में बाढ़ के हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

बीते 24 घंटों में 6 और मौतों के साथ इस सीजन में मृतकों का आंकड़ा 95 तक पहुंच गया है।

धानसिरी नदी उफान पर है और 1.6 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों (7 और 8 अगस्त) के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश और 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

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