MP Weather Update: मध्य प्रदेश इस वक्त कुदरत के दोहरे मार की चपेट में है।
एक तरफ जहां सूरज आग उगल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अचानक आ रही आंधी और बारिश लोगों की जान पर बन आई है।
प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो में गर्मी ने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
सोमवार को यहां का पारा 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालात इतने खराब हैं कि अब 1993 का वह रिकॉर्ड टूटने की आशंका है जब पारा 46.9 डिग्री तक जा पहुंचा था।
कहाँ कितनी गर्मी?
छतरपुर जिले का नौगांव भी तप रहा है, जहाँ तापमान 45.5 डिग्री रहा।
प्रदेश के लगभग 13 शहर ऐसे हैं जहाँ पारा 44 डिग्री के पार जा चुका है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी लोग झुलसाने वाली गर्मी से बेहाल हैं।
दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और गर्म हवाएं (लू) थपेड़ों की तरह महसूस हो रही हैं।
एक तरफ लू, दूसरी तरफ आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जो अनुमान जताया है, वह काफी चौंकाने वाला है। विभाग ने प्रदेश को दो हिस्सों में बांट दिया है:
लू (Heatwave) का अलर्ट:
छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका है।
आंधी-बारिश की चेतावनी:
ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड के इलाकों समेत 12 जिलों (जैसे भिंड, मुरैना, दतिया, पन्ना, रीवा) में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है।
दमोह में हादसा: मौसम ने ली जान
मौसम का यह मिजाज केवल गर्मी तक सीमित नहीं है।
दमोह जिले में सोमवार शाम को आई तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
महुआ खेड़ा गांव में एक कच्ची दीवार गिरने से 48 साल की महिला, रागिनी पटैरिया की मौत हो गई।
वह अपने घर के बाहर रखे उपलों (कंडे) को भीगने से बचाने के लिए ढंकने गई थीं, तभी दीवार उन पर गिर गई।
इंदौर में UV इंडेक्स ने बढ़ाई चिंता
इंदौर के लोगों के लिए एक डरावनी खबर है।
यहाँ सूरज की किरणों में मौजूद अल्ट्रावॉयलेट (UV) रेडिएशन का स्तर ‘खतरनाक’ श्रेणी में पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि UV इंडेक्स 10 से 11 के बीच पहुंच गया है।
इसका मतलब यह है कि अगर आप सुबह 11 से दोपहर 3:30 के बीच बिना सुरक्षा के 10-15 मिनट भी धूप में खड़े रहते हैं, तो आपको स्किन कैंसर, त्वचा का झुलसना और आंखों की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
बिजली की खपत ने तोड़े रिकॉर्ड
गर्मी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी दिख रहा है।
इंदौर में बिजली की मांग इतनी बढ़ गई है जो आमतौर पर मई के आखिरी हफ्ते में होती थी।
लोग कूलर और एसी का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा हाल?
राहत की बात यह है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने की वजह से 1 मई तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आने की उम्मीद है।
हालांकि, नमी और गर्मी का मेल ‘उमस’ वाली परेशानी भी बढ़ा सकता है।
