Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में युवाओं और छात्रों का गुस्सा चरम पर है।
राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही कथित गड़बड़ियों और धांधली के खिलाफ छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर आंदोलन कर रहे हैं।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से छात्रों का धरना जारी है, जिसमें 7 से ज्यादा छात्र नेता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

सोनम वांगचुक की अपील पर पिया पानी, पर अनशन जारी
आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर रखा था।
बुधवार को लद्दाख के प्रमुख समाज सुधारक और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने देवेंद्र महतो से वीडियो कॉल पर बात की।
वांगचुक की भावुक अपील के बाद देवेंद्र ने पानी पीना तो स्वीकार कर लिया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 7 अगस्त को वे झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।
आखिर क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को हुई, जब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम घोषित किया।
इसमें 2,204 उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए हुआ था, जो 18 से 20 जुलाई के बीच आयोजित होनी थी।
रिजल्ट आने के बाद अभ्यर्थियों ने गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना था कि आयोग ने कट-ऑफ मार्क्स जारी नहीं किए।

इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक ओएमआर शीट (OMR Sheet) वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि मात्र 48 सवाल हल करने वाले छात्र को भी मुख्य परीक्षा के लिए चुन लिया गया।
इसके अलावा, परिणाम के दस्तावेज पर अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने से भी धांधली के दावों को बल मिला।
बढ़ते विवाद को देखते हुए आयोग ने मेंस परीक्षा तो रद्द कर दी, लेकिन छात्र सिर्फ इतने से संतुष्ट नहीं हैं।

छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
छात्रों का कहना है कि समस्या केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा भर्ती तंत्र भ्रष्टाचार की चपेट में है।
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
* CBI और ED जांच: 14वीं JPSC परीक्षा की जांच केवल राज्य की CID से न कराकर सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए।
* फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बने, ताकि समयबद्ध तरीके से दोषियों को सजा मिल सके।
* ब्लैकलिस्टिंग और TCS से परीक्षा: टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) नामक कंपनी द्वारा कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं और इसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। आगे की सभी परीक्षाएं टीसीएस (TCS) जैसी पारदर्शी संस्थाओं से कराई जाएं।
* भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई: JPSC और JSSC में तैनात जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए और साफ छवि के अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी जाए।

कौन-कौन हैं अनशन पर और किसे मिला समर्थन?
हड़ताल में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (चौथा दिन), ब्रह्मानंद कुमार (तीसरा दिन) के अलावा सबिता कुमारी, अर्चना कुमारी, राहुल क्रांति, रूपेश कुमार और उम्मे हबीब शामिल हैं।
इस आंदोलन को आइसा (AISA) और एबीवीपी (ABVP) जैसे छात्र संगठनों का समर्थन मिला है।
इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी फोन पर बात कर छात्रों की मांगों का समर्थन किया है और जल्द ही रांची पहुंचने की बात कही है।

कौन हैं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के कापीडीह गांव के रहने वाले हैं और छात्र संगठन जेएलकेएम (JLKM) से जुड़े हैं।
वे पिछले कई सालों से युवाओं के हक के लिए आवाज उठाते आ रहे हैं और 2024 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।

छात्रों के मुद्दों पर संघर्ष करने के कारण उन पर अब तक 30 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं।
#JharkhandStudentProtest #JPSCScam #RanchiUnrest #DevendraNathMahato #SonamWangchuk #JharkhandAssemblyGherao
