RBI UPI Payment Hold: यूपीआई (UPI) और आईएमपीएस (IMPS) ने हमारी जिंदगी को रफ्तार दी है, लेकिन इसी रफ्तार का फायदा अब साइबर अपराधी उठाने लगे हैं।
आपकी मेहनत की कमाई को इन डिजिटल लुटेरों से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाने का मन बनाया है।
आरबीआई ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत बड़े ट्रांजैक्शन पर ‘टाइम लॉक’ लगाया जाएगा।
यानी अब पैसा भेजने और खाते में पहुंचने के बीच एक सुरक्षा कवच होगा।
#ReserveBankOfIndia is reportedly planning to delay large UPI transactions above ₹10,000 by up to 1 hour before processing.
Aim: Reduce fraud & give users time to flag suspicious payments
Impact: Could slow down high-value instant transfers pic.twitter.com/DPyuKuQ4Hw— South Matters (@SouthMatters) April 10, 2026
आइए, समझते हैं कि आरबीआई के इन नए नियमों का आप पर क्या असर पड़ेगा।
₹10,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 1 घंटे का ‘होल्ड’
वर्तमान में जब आप किसी को ₹10,000 भेजते हैं, तो वह सेकंडों में सामने वाले के खाते में पहुंच जाता है।
ठग अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं।
नया नियम क्या कहता है?
आरबीआई के ‘लैग्ड क्रेडिट’ (Lagged Credit) प्रस्ताव के अनुसार, अगर आप ₹10,000 से अधिक की राशि ट्रांसफर करते हैं, तो उसे रिसीवर के खाते में पहुंचने में 1 घंटे का समय लगेगा।
- फायदा: इस 1 घंटे के दौरान आपके पास ट्रांजैक्शन को कैंसिल करने का विकल्प होगा। अगर आपको गलती का अहसास होता है या पता चलता है कि आपके साथ फ्रॉड हुआ है, तो आप पैसे को बीच में ही रोक सकेंगे।
- क्यों जरूरी है? आंकड़ों के मुताबिक, डिजिटल फ्रॉड में जाने वाले कुल पैसों का लगभग 98.5% हिस्सा ₹10,000 से बड़े ट्रांजैक्शन का होता है।
डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी (Digital Payment Fraud) की बढ़ती चिंताओं के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक चर्चा पत्र (Discussion Paper) जारी किया है। इसमें कुछ विशिष्ट डिजिटल भुगतानों के लिए ‘एक घंटे की देरी’ (Time Buffer) लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इस प्रस्ताव के अनुसार,… pic.twitter.com/DiRhommxdj
— Molitics (@moliticsindia) April 10, 2026
‘किल स्विच’ (Kill Switch): ठगों के खिलाफ जादुई बटन
कल्पना कीजिए कि आपको महसूस होता है कि आपका फोन हैक हो गया है या कोई आपके खाते से जबरन पैसे निकाल रहा है।
अभी आपको बैंक को फोन करना पड़ता है या ऐप ढूंढना पड़ता है।
किल स्विच कैसे काम करेगा?
आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देश देने का विचार किया है कि वे अपने ऐप में एक ‘किल स्विच’ बटन दें।
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जैसे ही आप इस बटन को दबाएंगे, आपके खाते से जुड़ी सभी डिजिटल सेवाएं (UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) तुरंत डिसेबल (Disable) हो जाएंगी।
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यह ठीक वैसा ही है जैसे घर में शॉर्ट सर्किट होने पर आप मेन स्विच गिरा देते हैं। एक बार यह स्विच दब गया, तो खाता पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा और इसे दोबारा शुरू करने के लिए आपको बैंक जाना पड़ सकता है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की सुविधा
साइबर अपराधी अक्सर 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को अपना आसान शिकार बनाते हैं। उनकी तकनीक में कम समझ का फायदा उठाया जाता है।
नया सुरक्षा चक्र:
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70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों और दिव्यांगों के लिए ₹50,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (Trusted Person) की अनुमति अनिवार्य हो सकती है।
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बुजुर्ग अपने किसी भरोसेमंद रिश्तेदार या मित्र को नॉमिनेट कर सकते हैं। जब भी कोई बड़ा ट्रांजैक्शन होगा, उस भरोसेमंद व्यक्ति के पास एक वेरिफिकेशन अलर्ट जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद ही पैसा खाते से निकलेगा।

व्हाइटलिस्टिंग: रोजमर्रा के काम नहीं रुकेंगे
कई लोगों के मन में सवाल होगा कि “अगर मुझे अपने किसी परिचित को तुरंत पैसे भेजने हों, तो क्या तब भी 1 घंटा इंतजार करना होगा?”
इसका समाधान है व्हाइटलिस्टिंग:
आरबीआई ने सुझाव दिया है कि आप अपने नियमित संपर्कों (जैसे परिवार के सदस्य, दूधवाला, राशन वाला या भरोसेमंद दुकानदार) को ‘व्हाइटलिस्ट’ में डाल सकते हैं।
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एक बार जब आप किसी को व्हाइटलिस्ट कर देते हैं, तो उन्हें पैसे भेजते समय यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी। पैसा तुरंत पहुंच जाएगा। यह सुरक्षा और सुविधा के बीच एक बेहतरीन संतुलन है।
🚨 UPI Update (Not Final Yet)
RBI is planning a 60-min delay on transfers above ₹10,000 to reduce fraud.Money may get debited instantly but credited after a delay (cooling period).
Not applicable on merchant payments.
👉 Proposal stage only.
Safety ↑ or convenience ↓? 🤔 pic.twitter.com/vt5JopWp0H
— CREDBANK (@CREDBANKYT) April 10, 2026
इन बदलावों की जरूरत क्यों पड़ी?
डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
साल 2025 में देश में लगभग 28 लाख फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए, जिसमें देशवासियों ने ₹22,931 करोड़ गंवाए।
ठग अक्सर ‘म्यूल अकाउंट्स’ (दूसरों के नाम पर फर्जी खाते) का इस्तेमाल करते हैं।
आरबीआई अब खातों में आने वाले पैसे की सीमा (क्रेडिट लिमिट) तय करने पर भी विचार कर रहा है ताकि इन फर्जी खातों पर लगाम कसी जा सके।
RBI proposes 1-hour delay for UPI, IMPS transfers above Rs 10,000
As per National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP), digital payment fraud cases have surged 10X in the past 4 years, while the total fraud value spiked from Rs 551 crore in 2021 to Rs 22,931 crore in 2025.#RBI pic.twitter.com/2JYMm6wdPf
— Shailesh Mahato (@8M_Shailesh) April 10, 2026
कब लागू होंगे ये नियम?
आरबीआई ने इन प्रस्तावों पर 8 मई 2026 तक जनता, बैंकों और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं।
यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है जहां आपकी राय मायने रखती है।
सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू कर दिया जाएगा।
Should your UPI payment above ₹10,000 take an hour to go through?
RBI just released a discussion paper on curbing digital payment frauds. 4 options on the table:
1. Mandatory 1-hour delay on all UPI/IMPS/NEFT transfers above ₹10,000
2. Trusted person approval for… pic.twitter.com/sq7ILbu6Mz— Mohit Mehra (@mohitmehra) April 10, 2026
सुरक्षा की कीमत थोड़ी सी असुविधा
इसमें कोई शक नहीं कि 1 घंटे का इंतजार कभी-कभी अखर सकता है, खासकर इमरजेंसी में।
लेकिन अगर यह देरी आपके जीवनभर की कमाई को सुरक्षित रखती है, तो यह एक छोटा सा समझौता है।
आरबीआई का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ को न केवल ‘फास्ट’ बल्कि ‘सेफ’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
🚨 RBI UPI Alert!
₹10k+ transfers may face 1 Hour hold to stop fraud.
Cancel option during wait – smart vs scammers? But kills instant magic? 😩 #UPI #RBI pic.twitter.com/icNRuPJJdu
— Ravi Maheshwari (@CreditCardsInd) April 10, 2026
क्या बदलेगा?
| सुविधा | वर्तमान स्थिति | नए प्रस्ताव के बाद |
| ₹10,000+ का पेमेंट | तुरंत ट्रांसफर | 1 घंटे का होल्ड (कैंसिल का मौका) |
| खाता हैक होने पर | कस्टमर केयर का इंतजार | ‘किल स्विच’ से तुरंत खुद बंद करें |
| बुजुर्गों के लिए सुरक्षा | कोई विशेष नियम नहीं | ₹50,000+ पर ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की मंजूरी |
| परिचितों को पेमेंट | सामान्य प्रक्रिया | ‘व्हाइटलिस्ट’ से तुरंत भुगतान संभव |
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