Homeन्यूजSBI Data Leak: डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का निजी...

SBI Data Leak: डार्क वेब पर लीक हुआ 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा, नाम-नंबर और पता हुआ एक्सपोज; जानें पूरा सच

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

SBI data leak 2026: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

बैंक के लगभग 3,897 ग्राहकों का निजी डेटा डार्क वेब (Dark Web) पर लीक होने की आशंका जताई गई है।

इस संभावित डेटा लीक के बाद से बैंकिंग सेक्टर में हलचल तेज हो गई है।

हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से उसके मुख्य कारोबारी कामकाज या कोर बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?

एसबीआई को इस संभावित साइबर घटना की जानकारी सबसे पहले 16 अक्टूबर को मिली थी।

बैंक को अपनी थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी, डिफेंस साइबर एजेंसी और देश की प्रमुख कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से इस संबंध में आधिकारिक अलर्ट मिले थे।

इसके बाद, बैंक ने 21 अक्टूबर को शेयर बाजारों को इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी दी।

अलर्ट मिलने के बाद बैंक ने तुरंत अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी।

डार्क वेब पर उपलब्ध लगभग 3.75 लाख संदिग्ध रिकॉर्ड्स के शुरुआती विश्लेषण के दौरान यह बात सामने आई कि इनमें से 3,897 रिकॉर्ड्स में ग्राहकों की वास्तविक व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी (PII) मौजूद थी।

बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक के पीछे ‘Siriusim’ नामक हैकर ग्रुप का हाथ होने का दावा किया गया है।

बैंक इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि यह डेटा कहां से और कैसे लीक हुआ है।

लीक डेटा में ग्राहकों की कौन-सी जानकारियां शामिल हैं?

डार्क वेब पर सामने आए इन रिकॉर्ड्स में ग्राहकों की कई बेहद संवेदनशील और निजी जानकारियां शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये चीजें हैं:

* ग्राहकों के पूरे नाम और उनका जेंडर (लिंग)

* रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

* जन्मतिथि और घर का पूरा आवासीय पता

* बैंक की ब्रांच से जुड़ी जानकारी

* कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल (CIF) आइडेंटिफ़ायर्स

* लीड IDs और लोन आवेदनों से जुड़े मेटाडेटा व अन्य रिकॉर्ड्स

क्या आपका बैंक खाता खाली हो सकता है?

यह सवाल सबसे पहले हर ग्राहक के मन में आता है। इस पर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और बैंक का कहना है कि सिर्फ नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल या घर का पता सामने आने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके बैंक खाते से पैसे अपने आप निकल जाएंगे।

बैंक के अनुसार, इस घटना का एसबीआई की मुख्य बैंकिंग सेवाओं पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है।

बैंक की ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाएं बिल्कुल सुरक्षित और सामान्य रूप से काम कर रही हैं। आपके बैंक खाते में जमा पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

हालांकि, इस तरह की निजी जानकारी साइबर अपराधियों (Scammers) के हाथ लगने से ऑनलाइन ठगी और फिशिंग अटैक्स का खतरा जरूर बढ़ जाता है।

ठग इन जानकारियों का इस्तेमाल करके बैंक अधिकारी होने का नाटक कर सकते हैं और आपको फर्जी कॉल या मैसेज भेजकर निशाना बना सकते हैं।

ग्राहकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

यदि आप एसबीआई या किसी अन्य बैंक के ग्राहक हैं, तो ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए इन जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखें:

* फर्जी कॉल और मैसेज से सतर्क रहें: यदि कोई अनजान व्यक्ति फोन कॉल या मैसेज के जरिए बैंक खाता बंद होने, केवाईसी (KYC) तुरंत अपडेट करने या पैसे सुरक्षित करने का झांसा दे, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें।

* अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें: बैंक का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कभी भी फोन पर आपका ओटीपी (OTP), एटीएम पिन (ATM PIN), पासवर्ड या यूपीआई पिन नहीं मांगता है। अपनी ये निजी और गोपनीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

* संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी अनजान या लुभावने लिंक पर क्लिक करने से बचें।

* लेनदेन पर नजर रखें: अपने बैंक अकाउंट से होने वाले हर ट्रांजैक्शन पर लगातार नजर रखें। यदि आपको कोई ऐसा लेनदेन दिखाई दे जो आपने नहीं किया है, तो तुरंत अपने बैंक को इसकी सूचना दें।

#SBIDataLeak #StateBankOfIndia #CyberSecurity #DarkWebAlert #CERTIn #BankingAert #OnlineFraudSafety

- Advertisement -spot_img