Minister Vijay Shah Apology: राजनीति में शब्दों की मर्यादा कितनी अहम होती है, इसका अहसास मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री कुंवर विजय शाह को आज बखूबी हो रहा है।
शनिवार (7 फरवरी) को इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर अचानक पहुंचे मंत्री शाह ने एक बार फिर कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में अपने पुराने विवादित बयान के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगी है।
यह माफ़ीनामा ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपना रखा है।

क्या है पूरा विवाद?
पिछले साल 11 मई को इंदौर के महू में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के संदर्भ में कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी थी, जिसे अभद्र और अपमानजनक माना गया।
उन्होंने आतंकवादियों और भारतीय सेना के ऑपरेशनों को लेकर जिस भाषा का चुनाव किया, उससे न केवल सेना बल्कि देशभर के लोगों में नाराजगी फैल गई।
मामला पहले हार्ईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

चौथी बार मांगी माफी
शाह इस मामले में अब तक तीन बार सोशल मीडिया पर माफी मांग चुके हैं।
शाह ने आज फिर अपनी सफाई में कहा, “मेरा किसी भी महिला अधिकारी या भारतीय सेना का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। वह सब देशभक्ति के जोश और उत्साह में निकल गया। मुझे दुख है कि मेरी एक छोटी सी गलती ने इतना बड़ा बवाल खड़ा कर दिया।”
#WATCH | Indore | MP minister Kunwar Vijay Shah apologises over his statement on Colonel Sofia Qureshi.
MP minister Kunwar Vijay Shah says, “…I had no intention of insulting any female officer, the Indian Army, or any section of society…The words were uttered in a moment of… pic.twitter.com/OpdYCAwhzW
— ANI (@ANI) February 7, 2026
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
कोर्ट ने साफ कहा कि अब माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है।
दरअसल, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अगस्त 2025 में ही अपनी जांच पूरी कर चुकी है और मंत्री के खिलाफ केस चलाने (अभियोजन) की इजाजत मांग चुकी है।

सरकार को अल्टीमेटम
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सरकार से सवाल किया कि आखिर महीनों से फाइल क्यों दबाकर रखी गई है?
क्या सरकार जानबूझकर अपने मंत्री को बचा रही है?
अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार को दो हफ्ते का समय दिया है ताकि वह अभियोजन की मंजूरी पर अपना अंतिम फैसला ले सके।
9 फरवरी को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है, जिससे ठीक पहले शाह का यह माफीनामा एक बचाव की मुद्रा के तौर पर देखा जा रहा है।

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
गुजरात की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी 1999 में सेना में शामिल हुई थीं।
वे न केवल सिग्नल कोर में तैनात हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय महिला सैन्य अधिकारी भी रही हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनकी बहादुरी और सूझबूझ की पूरे देश ने तारीफ की थी।
ऐसे में एक सम्मानित सैन्य अधिकारी के खिलाफ मंत्री के बिगड़े बोल ने कानूनी और नैतिक, दोनों तरह के संकट खड़े कर दिए हैं।

केस की टाइमलाइन (अब तक क्या-क्या हुआ?)
मामले की गंभीरता को समझने के लिए इन तारीखों पर गौर करना जरूरी है:
- 11 मई 2025: महू में विवादित बयान दिया गया।
- 14 मई 2025: हाईकोर्ट के निर्देश पर मानपुर थाने में FIR दर्ज हुई।
- 19 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने शाह को फटकारा और SIT जांच के आदेश दिए।
- जुलाई 2025: SIT ने मंत्री को जबलपुर बुलाकर कड़ी पूछताछ की।
- अगस्त 2025: SIT ने जांच पूरी कर सरकार से केस चलाने की मंजूरी मांगी।
- फरवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 2 हफ्ते की मोहलत दी और अगली सुनवाई 9 फरवरी तय की।
मंत्री विजय शाह का कहना है कि उन्होंने अपनी गलती से सबक सीखा है और भविष्य में वे अपने शब्दों को लेकर सावधान रहेंगे।
हालांकि, कानून की नजर में ‘देर से मांगी गई माफी’ कितनी कारगर होगी, यह 9 फरवरी को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में साफ हो जाएगा।


