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टीम इंडिया के साथ मैच खेलने के लिए पाकिस्तान ने रखी ये 3 शर्तें, दूसरी शर्त पर भारत को सख्त ऐतराज

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

PCB Three Demands ICC: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो चुका है, लेकिन टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले यानी 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं।

पाकिस्तान सरकार ने पहले ही भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था, जिसके बाद क्रिकेट जगत में खलबली मच गई।

इस तनाव को खत्म करने के लिए आईसीसी (ICC) के वाइस चेयरमैन इमरान ख्वाजा ने रविवार को लाहौर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ मोहसिन नकवी से मुलाकात की।

इस बैठक में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

पाकिस्तान की वे 3 शर्तें, जिन्होंने सबको चौंकाया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने आईसीसी के सामने अपनी बॉयकॉट की जिद छोड़ने के लिए तीन बड़ी शर्तें रखी हैं:

  1. ज्यादा रेवेन्यू शेयर: पाकिस्तान चाहता है कि उसे ICC की कमाई से मिलने वाले हिस्से (Revenue Share) में बढ़ोतरी दी जाए। साथ ही, बांग्लादेश से जुड़े मुआवजे और भागीदारी शुल्क को लेकर भी मांगें रखी गई हैं।

  2. द्विपक्षीय (Bilateral) सीरीज की बहाली: यह सबसे बड़ी मांग है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से वैसी ही सीरीज शुरू हों जैसी 2012 से पहले होती थीं।

  3. हाथ मिलाने की शर्त: एशिया कप 2025 के दौरान हुए तनाव के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाना बंद कर दिया था। पाकिस्तान चाहता है कि वर्ल्ड कप 2026 के मैच में भारतीय खिलाड़ी खेल भावना दिखाते हुए उनसे हाथ मिलाएं।

भारत को दूसरी शर्त पर है सख्त ऐतराज

विशेषज्ञों और मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि भारत पाकिस्तान की ‘द्विपक्षीय सीरीज’ वाली मांग को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी बार द्विपक्षीय सीरीज 2012-13 में हुई थी।

इसके बाद से दोनों टीमें केवल आईसीसी या एशिया कप जैसे मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं।

भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है— ‘आतंक और क्रिकेट एक साथ नहीं चल सकते।’

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत का रवैया और भी सख्त हो गया है।

ऐसे में जब तक सीमा पार से तनाव कम नहीं होता, भारत का पाकिस्तान के साथ कोई भी निजी सीरीज खेलना नामुमकिन नजर आता है।

हाथ मिलाने का विवाद क्या है?

सुनने में यह अजीब लग सकता है कि ‘हाथ मिलाना’ एक शर्त कैसे हो सकती है?

दरअसल, पिछले साल के एशिया कप के दौरान तनाव इतना बढ़ गया था कि भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बना ली थी।

पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख के लिए नुकसानदेह मानता है, इसलिए नकवी ने इसे औपचारिक मांग में शामिल किया है।

IndvsPak T20 World Cup

आगे क्या होगा?

पाकिस्तान और भारत दोनों ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की जीत के साथ शुरुआत कर दी है।

भारत ने अमेरिका को पटखनी दी है, तो पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को हराया है।

अब सबकी नजरें सोमवार को मोहसिन नकवी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुलाकात पर टिकी हैं।

क्या पाकिस्तान अपनी मांगों पर अड़ा रहेगा या आईसीसी के दबाव में आकर 15 फरवरी के महामुकाबले के लिए तैयार हो जाएगा?

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