Rinku Singh father death: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने देश के प्रति समर्पण की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने फैंस को क्रिकेट के दिग्गजों की याद दिला दी है।
पिता के निधन से टूट चुके रिंकू ने खुद को संभालते हुए मैच खेलने का फैसला लिया है।
शनिवार को वह अलीगढ़ से कोलकाता के लिए रवाना हो गए, जहां वे वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाले ‘करो या मरो’ के वर्चुअल नॉकआउट मैच में टीम इंडिया के साथ जुड़ेंगे।

टीम इंडिया के साथ जुड़ेंगे रिंकू
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की थी कि रिंकू शनिवार को टीम इंडिया के साथ जुड़ जाएंगे।
यह मैच न केवल टूर्नामेंट के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भी बहुत जरूरी है।
इस मैच की विजेता टीम सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी।
रिंकू अब तक टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने 5 पारियों में 24 रन बनाए हैं।
पिता जी के निधन के बाद फिर से टीम इंडिया से जुड़ने के लिए तैयार हैं रिंकू सिंह।
बीते कल उनके पिता जी का निधन हुआ है रिंकू सिंह को 1 मार्च को West Indies के खिलाफ होने वाले मैच के लिए कोलकाता पहुंचना है।
पिछले मैच में Rinku Singh,
Playing 11 के हिस्सा नहीं थे लेकिन अब वह इस… pic.twitter.com/ScpH4bM57J
— Jaiky Yadav (@JaikyYadav16) February 28, 2026
पिता का कैंसर से हुआ निधन
रिंकू सिंह के पिता, खानचंद सिंह, काफी समय से फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से जूझ रहे थे।
शुक्रवार को नोएडा के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू चेन्नई में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप के कैंप को छोड़कर तुरंत अलीगढ़ पहुंचे।
शनिवार सुबह रिंकू के बड़े भाई सोनू ने पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं।

पिता की अंतिम इच्छा थी मैच खेलना
इस कठिन समय में रिंकू को प्रेरित करने वाली सबसे बड़ी बात उनके पिता के आखिरी शब्द हैं।
जब रिंकू 24 फरवरी को पिता से मिलने अस्पताल गए थे, तब वे काफी भावुक हो गए थे।
पिता ने उस वक्त रिंकू के सिर पर हाथ रखकर कहा था, “तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले। तू मैच खेल, मैं हॉस्पिटल से दुआ करूंगा।”
परिवार के लोगों ने बताया कि रिंकू अपने पिता के बहुत करीब थे।
रिश्तेदारों ने बताया कि रिंकू को अब अपनी मां की चिंता सता रही है, इसलिए उन्होंने रिश्तेदारों से मां का खास ख्याल रखने को कहा है।
पिता की तेरहवीं के लिए रिंकू जल्द ही वापस अलीगढ़ आएंगे।

सचिन और विराट की याद दिलाता फैसला
रिंकू का यह फैसला पूर्व दिग्गजों सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की याद दिलाता है।
1999 वर्ल्ड कप के दौरान सचिन तेंदुलकर के पिता का निधन हुआ था, जिसके बाद वे भारत आए और अंतिम संस्कार के बाद वापस लौटकर केन्या के खिलाफ नाबाद शतक जड़ा था।

इसी तरह, विराट कोहली ने भी 2006 में पिता के निधन के अगले दिन दिल्ली के लिए रणजी मैच खेला था और 90 रनों की पारी खेली थी।

सिलेंडर डिलीवरी से क्रिकेट के मैदान तक का सफर
रिंकू सिंह का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता अलीगढ़ में घर-घर गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे।
रिंकू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे वे बचपन में पिता के साथ बाइक पर सिलेंडर ढोते थे।
परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन रिंकू का क्रिकेट के प्रति जुनून उन्हें यहां तक ले आया।

आज भले ही रिंकू के सिर पर पिता का साया न हो, लेकिन उनके आशीर्वाद और देश के लिए खेलने के उनके सपने को पूरा करने के लिए रिंकू मैदान में डटे हुए हैं।
फैंस को उम्मीद है कि रिंकू इस भावुक पल को ताकत में बदलकर टीम इंडिया को जीत दिलाएंगे।


