Pritam Lodhi vs IPS Ayush Jakhad: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में इस समय सियासी पारा उफान पर है।
जो मामला चंद दिनों पहले एक सड़क हादसे से शुरू हुआ था, वह अब सत्ताधारी दल के विधायक और पुलिस प्रशासन के बीच की सीधी ‘जंग’ में तब्दील हो चुका है।
पिछोर (शिवपुरी) से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी और युवा आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ के बीच की यह तकरार अब सार्वजनिक हो गई है, जिसमें भाषा की मर्यादाएं भी टूटती नजर आ रही हैं।

हादसे से शुरू हुई कहानी, धमकी पर पहुंची
इस पूरे विवाद की जड़ 16 अप्रैल को करैरा में हुआ एक सड़क हादसा है।
आरोप है कि विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी तेज रफ्तार कार से पांच लोगों को जोरदार टक्कर मार दी थी।
इस हादसे में घायल हुए लोगों की स्थिति गंभीर थी। शुरुआत में विधायक लोधी के तेवर काफी नरम थे।

उन्होंने सोशल मीडिया पर नैतिकता की बातें करते हुए लिखा था कि “मेरे लिए मेरा परिवार नहीं, बल्कि जनता सर्वोपरि है।”
उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपील भी की थी।
लेकिन जैसे ही कानून का शिकंजा उनके बेटे पर कसने लगा, विधायक के सुर पूरी तरह बदल गए।
नैतिकता की जगह अब धमकियों और तीखे बयानों ने ले ली है।

IPS को सीधी चुनौती: “तुम्हारे डैडी में दम हो तो रोक लेना”
विवाद तब बढ़ा जब करैरा के एसडीओपी (SDOP) और आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ ने मामले में सख्त रुख अपनाया।
विधायक लोधी ने एक सार्वजनिक बयान में आईपीएस अधिकारी को सीधे तौर पर ललकारा।
उन्होंने गुस्से में कहा, “एसडीओपी कहता है कि यहां (करैरा) दिख मत जाना। मैं उससे पूछना चाहता हूं कि क्या करैरा तुम्हारे डैडी की जागीर है?
मेरा बेटा करैरा आएगा भी और वहां से चुनाव भी लड़ेगा, अगर तुम्हारे डैडी में दम हो तो उसे रोककर दिखा देना।”
विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने पुलिस को अपनी ‘औकात’ में रहने की नसीहत देते हुए अपना पुराना इतिहास खंगालने की चेतावनी तक दे डाली।
लोधी का आरोप है कि पुलिस कांग्रेस के दबाव में काम कर रही है और मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।

थाने में ‘टशन’ और IPS की फटकार
दरअसल, विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने कोर्ट में जुर्माना भरकर अपनी गाड़ी छुड़वा ली थी।
इसके बाद जब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने उन्हें थाने बुलाया, तो दिनेश किसी ‘गुनाहगार’ की तरह नहीं बल्कि ‘टशन’ में पहुंचे।
उनकी गाड़ी पर अवैध रूप से काली फिल्म चढ़ी हुई थी और हूटर लगा हुआ था।

एक जिम्मेदार अधिकारी के तौर पर आईपीएस आयुष जाखड़ ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने दिनेश को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि पांच लोगों की जिंदगी को खतरे में डालना कोई छोटा हादसा नहीं बल्कि बेहद गंभीर अपराध है।
डॉ. जाखड़ ने तुरंत निर्देश दिए कि गाड़ी पर अवैध हूटर और काली फिल्म लगाने के लिए अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाएं और मौके पर ही चालान काटा जाए।
इसी सख्ती ने विधायक को नाराज कर दिया।

विवादों से लोधी परिवार का पुराना नाता
प्रीतम लोधी और उनका परिवार पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है।
विधायक के बेटे दिनेश पर पहले भी मारपीट और पड़ोसियों पर गाड़ी चढ़ाने जैसे आरोप लग चुके हैं।
खुद विधायक प्रीतम लोधी पर हत्या के प्रयास और दंगा भड़काने जैसे कई मामले दर्ज हैं।
साल 2022 में ब्राह्मण समाज पर विवादित टिप्पणी के कारण उन्हें भाजपा से निकाला भी गया था, हालांकि चुनाव से पहले उनकी वापसी हो गई थी।
कानून बनाम रसूख
फिलहाल शिवपुरी में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी सत्ता के दबाव के आगे झुकेगा या विधायक के रसूख पर कानून भारी पड़ेगा।
एक तरफ जहां पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विधायक इसे अपने सम्मान की लड़ाई बना चुके हैं।
