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मध्य प्रदेश ट्रांसफर पॉलिसी 2026: 1 जून से हट रहा है तबादलों से बैन, सिर्फ 15 दिन में करने होंगे सारे फेरबदल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Transfer Policy 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है।

सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है।

इसके तहत आगामी 1 जून से 15 जून 2026 तक ट्रांसफर किए जा सकेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस नीति का पूरा खाका तैयार किया था, जिसे मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों की सहमति के बाद अंतिम रूप दे दिया गया है।

इस बार सिर्फ 15 दिन का वक्त

इस साल सरकारी कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए बहुत ही कम समय मिल रहा है।

पिछले सालों की तुलना करें तो इस बार महज 15 दिनों के भीतर ही पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि पिछले वर्षों में ट्रांसफर के लिए कितना समय मिला था:

  • वर्ष | तबादलों की अवधि | कुल दिनों की संख्या 
  • 2026 | 1 जून से 15 जून | 15 दिन
  • 2025 | 1 मई से 30 मई | 30 दिन 
  • 2023 | 15 जून से 7 जुलाई | 22 दिन
  • 2022 | 17 सितंबर से 5 अक्टूबर | 20 दिन 
  • 2021 | 1 जुलाई से 31 जुलाई | 31 दिन 
  • 2020 | कोरोना लॉकडाउन के कारण कोई पॉलिसी नहीं 
  • 2019 | 5 जून से 5 जुलाई | 35 दिन 

पारिवारिक और मानवीय आधार पर विशेष राहत

इस बार की नीति में सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है।

कैबिनेट ने तय किया है कि यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, तो उन्हें एक ही स्थान या जिले में पोस्टिंग देने के मामलों पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, जो कर्मचारी किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें भी ट्रांसफर में विशेष छूट या रियायत दी जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ‘ए प्लस’ (A+) कैटेगरी वाले मामलों को नोटशीट में प्राथमिकता दी जाए।

कोटा और विभागों के अलग नियम

अब तक की व्यवस्था में स्वैच्छिक (Voluntary) और प्रशासनिक (Administrative) तबादलों को एक ही कोटे में रखा जाता था, जिससे कुल 10 से 15 प्रतिशत कर्मचारियों के ही ट्रांसफर हो पाते थे।

इससे जरूरी प्रशासनिक फेरबदल प्रभावित होते थे। इस बार सरकार ने दोनों की सीमाएं अलग-अलग तय करने का प्रस्ताव रखा है।

इसके साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति हमेशा की तरह इस बार भी अलग रहेगी।

जनजातीय कार्य, राजस्व और ऊर्जा विभाग भी अपनी जरूरत के हिसाब से अलग नीति ला सकते हैं, लेकिन वे सरकार की मूल नीति के बुनियादी ढांचे को नहीं बदल सकेंगे।

किसके पास होगी ट्रांसफर की कमान?

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी (Group C & D): जिला स्तर के इन कर्मचारियों के तबादले जिले के प्रभारी मंत्री और कलेक्टर के माध्यम से किए जाएंगे।

प्रथम श्रेणी (Group A): बड़े और प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के तबादलों के लिए सीधे मुख्यमंत्री की मंजूरी जरूरी होगी।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन सिस्टम और अन्य नियम

भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी ट्रांसफर ऑर्डर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

हालांकि, जिन विभागों में ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां फिलहाल ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

नीति में यह भी साफ किया गया है कि पहले अनुसूचित (Tribal) क्षेत्रों के खाली पदों को भरा जाएगा, उसके बाद ही गैर-अनुसूचित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।

किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर सामान्यतः एक जिले में 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही वरिष्ठता के आधार पर होगा।

इसके अलावा, कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को नियुक्ति के बाद 4 साल तक ट्रांसफर से छूट मिलेगी।

कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

1. उज्जैन में होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित होगी।

इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे और साथ ही वे ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियों का जायजा भी लेंगे।

2. नक्सल उन्मूलन के लिए पुलिस अधिकारी सम्मानित

प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना और विशेष डीजीपी पंकज श्रीवास्तव सहित कई जांबाज अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किए जाने पर कैबिनेट ने बधाई दी।

3. धार भोजशाला फैसले का स्वागत और वाग्देवी की प्रतिमा

धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट के फैसले का सरकार ने स्वागत किया है।

सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है और कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाएगा।

उन्होंने यह भी संकल्प जताया कि लंदन से मां वाग्देवी (सरस्वती जी) की असली प्रतिमा को वापस भारत लाने के लिए राज्य सरकार, केंद्र के साथ मिलकर हर संभव प्रयास करेगी।

4. किसानों को बड़ी सौगात

धान, सोयाबीन, कपास, ज्वार-बाजरा और तिल जैसी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

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