BJP leader Female Doctor Bad Touch: मध्यप्रदेश के सागर शहर में स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है।
यहाँ भाजपा युवा मोर्चा के एक बड़े पदाधिकारी पर ड्यूटी के दौरान एक महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़छाड़ (‘बैड टच’) करने, अभद्र व्यवहार करने और यहाँ तक कि जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
इस घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में भारी गुस्सा है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत काम बंद कर दिया और अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जानिए आधी रात को अस्पताल में क्या हुआ था?
पीड़ित महिला स्टाफ और डॉक्टरों के मुताबिक, यह पूरी घटना गुरुवार (2 जून) की रात करीब दो बजे की है।
उस समय एक मरीज को इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) लाया गया था।
आरोप है कि इलाज शुरू होने से पहले ही अस्पताल के स्टाफ पर लगातार फोन करके दबाव बनाया जा रहा था।
जब मरीज को लेकर कुछ लोग अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने वहां मौजूद महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी करना शुरू कर दिया।

महिला कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने इस वीआईपी कल्चर और बदतमीजी का विरोध किया, तो आरोपी और उसके साथी भड़क गए।
उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को डराया-धमकाया।
पीड़ित महिला डॉक्टर का आरोप है कि एक शख्स ने उन्हें गलत नीयत से छुआ (बैड टच किया) और विरोध करने पर अस्पताल के बाहर निकलते ही गोली मारने की धमकी भी दी।
इस मामले में जिस मुख्य आरोपी का नाम सामने आ रहा है, वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव (पीपरा) हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित डॉक्टरों और स्टाफ का दावा है कि जैसे ही यह घटना घटी, उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रबंधन (मैनेजमेंट) को दे दी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची भी थी।
लेकिन डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस के आने के बाद भी आरोपी वहां से आराम से निकल गए।
पुलिस ने उन्हें रोकने या कोई ठोस कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, मामले को हल्के में लिया और वापस लौट गई।
पुलिस के इसी ढीले रवैये को लेकर डॉक्टरों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया, जिसके बाद उन्होंने काम बंद करने का फैसला किया।

अधिकारियों के समझाने पर थमा प्रदर्शन, मिला 24 घंटे का अल्टीमेटम
अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल और मुख्य द्वार पर प्रदर्शन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के बड़े अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बात की और उन्हें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया।
अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल अपना धरना तो खत्म कर दिया है, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है।

‘जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन’ (JUDA) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
डॉक्टरों की मांग है कि:
- आरोपी नेता के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
- आरोपियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- घटना के समय अस्पताल प्रबंधन की क्या भूमिका थी, इसकी भी जांच हो।
डॉक्टरों ने साफ कह दिया है कि अगर तय समय के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
इसके बाद पूरे मध्यप्रदेश में डॉक्टरों द्वारा कार्य बहिष्कार (हड़ताल) किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

भाजपा नेता ने आरोपों को बताया झूठा, मांगी सीसीटीवी जांच
दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों में घिरे भाजपा नेता अनिल श्रीवास्तव ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया है।
उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
भाजपा नेता का कहना है कि, “मैं तो सिर्फ अपने गांव के एक बीमार मरीज का हालचाल जानने और उसकी मदद करने अस्पताल गया था। मैंने सिर्फ डॉक्टरों से मरीज का समय पर और अच्छा इलाज करने की गुजारिश की थी। मेरी तरफ से किसी भी महिला स्टाफ या डॉक्टर के साथ कोई अभद्रता या छेड़छाड़ नहीं की गई है।”
अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए भाजपा नेता ने प्रशासन से मांग की है कि उस रात के वार्ड के सारे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की बारीकी से जांच की जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
फिलहाल, अस्पताल में तनावपूर्ण शांति है और हर किसी की नजर पुलिस व प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
#SagarNews #MPNews #BMCNews #DoctorProtest #JusticeForDoctors #MadhyaPradesh
