Mukhyamantri Sugam Bus Yojana: भोपाल: मध्य प्रदेश में आम नागरिकों की सहूलियत, युवाओं को खेल की सुविधाएं और प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े कदमों का ऐलान किया है।
25 सितंबर का दिन राज्य के लिए बेहद खास होने जा रहा है, जब प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन योजना’ की आधिकारिक शुरुआत होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी राजधानी भोपाल से 350 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी एमएसएमई (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी।
20 साल बाद मॉनिटरिंग और 15 हजार बसों का बड़ा लक्ष्य
मध्य प्रदेश में लगभग दो दशकों से यात्री परिवहन व्यवस्था की उचित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही थी।
सरकार अब इस व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने जा रही है।
* पहला चरण: 25 सितंबर को 350 बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिन्हें निजी बस ऑपरेटरों के साथ पीपीपी (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा।
* 2027 का लक्ष्य: मार्च 2027 तक प्रदेश में 1,000 बसें चलाने की तैयारी है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
* 2031 का विजन: वर्ष 2030-31 तक ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ते हुए कुल 14,981 बसें चलाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी बसों में CCTV कैमरे और GPS सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे बसों की लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
इसके साथ ही नए बस टर्मिनल भी PPP मॉडल पर बनेंगे और सही किराए व टिकट प्रणाली पर खास जोर रहेगा।
हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एयर एम्बुलेंस हेलिपैड
प्रदेश के खिलाड़ियों और ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ योजना ला रही है।
* जिन विधानसभा क्षेत्रों में 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाया जाएगा।
* इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के खेलों की व्यवस्था होगी और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच भी तैनात रहेंगे।
* राज्य सरकार ने इस पूरी योजना के लिए 960 करोड़ रुपए का बजट तय किया है।
अद्वितीय पहल: इन स्टेडियमों के परिसर में हेलिपैड भी बनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को एयर एम्बुलेंस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाना (एयरलिफ्ट करना) होगा।
फिलहाल राज्य की 140 विधानसभाओं में खेल सुविधाओं का अभाव है, जिसे यह योजना पूरी तरह बदल देगी।
2037 तक बिजली संकट से निपटने की तैयारी
मध्य प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास और शहरों के विस्तार को देखते हुए पावर मैनेजमेंट कंपनी ने आकलन किया है कि वर्ष 2037 तक राज्य में करीब 1,900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है।
इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय रहते कदम उठाए हैं। 1,900 मेगावाट और 900 मेगावाट क्षमता के नए थर्मल पावर स्टेशन स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
कुल 2,800 मेगावाट अतिरिक्त बिजली तैयार करने की दिशा में काम शुरू होगा, जिसे पूरा होने में 5 से 7 साल का समय लगेगा।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
* चिकित्सा शिक्षा: इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज में सीटों की संख्या 63 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है।
* सिंचाई योजनाएं: 9,061 करोड़ रुपए की जल-संसाधन योजनाओं को 2031 तक जारी रखने की मंजूरी मिली है। इनमें राजगढ़ की पार्वती नदी पर सुठालिया सिंचाई परियोजना और नीमच-जावद दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल हैं।
* हवाई पट्टियों का विस्तार: सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को पूर्ण एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
* प्रशासनिक व कानूनी राहत: ग्राम न्यायालय योजना और विधिक सहायता सलाहकार बोर्ड को स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा नए जिलों—मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के नए कार्यालय खोले जाएंगे।
#MadhyaPradesh #SugamBusYojana #NitinGadkari #BhopalNews #MPCabinet #SportsComplex #MPElectricBus #MPDevelopment
