CM Mohan on promotion: मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।
भोपाल में आयोजित कृषि विभाग के प्रमोशन और अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अब कर्मचारियों की पदोन्नति का काम सालों-साल अटका नहीं रहेगा।
सीएम ने कहा कि चाहे जो भी कदम उठाना पड़े, लेकिन कर्मचारियों को उनका हक यानी प्रमोशन तो समय पर देना ही पड़ेगा।

1500 से अधिक पदों पर नई भर्तियां और 1 लाख का लक्ष्य
कृषि विभाग को मजबूत करने और खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार जल्द ही 1,500 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती शुरू करने जा रही है।
ये भर्तियाँ मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएँगी।
इनमें उप अभियंता (Sub-Engineer), मंडी सचिव और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर विभिन्न विभागों में कुल 1 लाख नई सरकारी नौकरियां देने का है।
सरकार के मौजूदा कार्यकाल में अब तक लगभग 85,000 युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, और बाकी पदों पर भी तेजी से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

3,357 कर्मचारियों को प्रमोशन और 300 अनुकंपा मामले हल
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के कुल 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति की जानकारी दी गई। प्रथम चरण में 1,725 कर्मचारियों को प्रमोशन पत्र सौंपे गए। इनमें:
* कृषि विभाग मंडल: 1,439 कर्मचारी
* कृषि अभियांत्रिकी (Agriculture Engineering): 149 कर्मचारी
* बीज प्रमाणीकरण: 36 कर्मचारी
* बीज निगम: 8 कर्मचारी

इसके साथ ही, सेवा के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को राहत देते हुए लगभग 300 अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों को भी सुलझाया गया है, जिनमें से 44 आश्रितों को सहायक वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति पत्र दिए गए।

“गंगा की अविरल धारा की तरह चले भर्ती प्रक्रिया”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक कामकाज में निरंतरता पर जोर देते हुए कहा कि प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और नई भर्तियों की प्रक्रिया मां गंगा की धारा की तरह लगातार बहती रहनी चाहिए।
अगर यह चक्र रुकता है, तो विभागों में कर्मचारियों की कमी हो जाती है और आम जनता का काम प्रभावित होता है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि केवल पुराने मामलों को निपटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि चालू वर्ष की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें भी इसी साल पूरी की जाएँ ताकि भविष्य में कोई पेंडेंसी न रहे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) पर तंज: “जलेबी की दुकान बंद कराएंगे”
अक्सर फाइलों और नियमों के जाल में उलझने वाली प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि भगवान के बाद अगर कर्मचारियों को किसी विभाग से डर लगता था, तो वह सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) था। वहाँ न जाने कौन-सी जलेबी की तरह उलझी हुई नीतियां बनती थीं।
उन्होंने कहा कि हम इस तरह की ‘जलेबी की दुकान’ को बंद कराएंगे और नियमों को इतना सरल बनाएंगे कि कर्मचारियों को अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
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‘ग्राम सेवक’ का बदला नाम, अब कहलाएंगे ‘कृषि विस्तार अधिकारी’
समारोह में राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मैदानी अमले की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की घोषणा की।
अब कृषि विभाग के ‘ग्राम सेवक’ के पद को आधिकारिक तौर पर ‘कृषि विस्तार अधिकारी’ (Agriculture Extension Officer) के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के कृषि विकास की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य ने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर देश में पहला स्थान हासिल किया है, और इस सफलता के पीछे ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले कृषि कर्मचारियों का ही सबसे बड़ा योगदान है।
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