Rabi crop msp hike 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में देश के किसानों, आम नागरिकों और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए हैं।
कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र (2027-28) के लिए सभी छह मुख्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।
इसके अलावा, देश में हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III’ को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
1. फसलों की नई MSP: किसानों की जेब में पहुंचेगी बेहतर कीमत
सरकार ने रबी सीजन की फसलों की लागत को ध्यान में रखते हुए समर्थन मूल्य में यह बढ़ोतरी की है।
* गेहूं (Wheat): गेहूं के समर्थन मूल्य में ₹25 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब गेहूं की नई MSP बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गई है।
* कुसुम (Safflower): सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम की फसल पर की गई है, जिसमें ₹675 प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।
* सरसों और राई (Mustard/Rapeseed): सरसों-राई के दाम में ₹413 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
* मसूर (Lentil): दालों के उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए मसूर की MSP में ₹390 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

सरकार का यह कदम किसानों की आय में सुधार लाने और उन्हें विविधतापूर्ण खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
2. क्या है ₹1,86,405 करोड़ का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (Phase-III)?
देश में सौर ऊर्जा (Solar Energy) और पवन ऊर्जा (Wind Energy) जैसी साफ-सुथरी (Clean Energy) बिजली के उत्पादन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
हालांकि, सूरज ढलने या हवा के धीमा पड़ने पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता है।
इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III’ की नींव रखी है।
* 24 घंटे निर्बाध बिजली: इस योजना के तहत भारी क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। ये बैटरियां दिन के समय बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर करेंगी और रात के समय या आपात स्थिति में उसकी आपूर्ति करेंगी।
* 135 GW का नेटवर्क: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर 135 गीगावॉट (GW) तक की रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने के लिए मजबूत ‘इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम’ तैयार होगा।
* 2032-33 तक का लक्ष्य: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्यों में बिजली कटौती की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो सके और सस्ती व स्वच्छ ऊर्जा आम लोगों तक आसानी से पहुंचे।
3. कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के अलावा, कैबिनेट ने शहरी बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है:
* दिल्ली के लिए AI आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम:
दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹1,790 करोड़ की लागत से इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया जाएगा।
यह सिस्टम एआई कैमरों और सेंसर के जरिए गाड़ियों की गिनती करके ट्रैफिक सिग्नल के हरे होने का समय खुद तय करेगा।
साथ ही, नियम तोड़ने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट स्वतः स्कैन हो जाएगी।

* EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा में बढ़ोतरी:
कर्मचारियों के हित में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए EPFO के तहत पीएफ कटने की अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया गया है।
* सस्ती खाद के लिए ₹41,533 करोड़ की सब्सिडी:
किसानों पर खाद की बढ़ती वैश्विक कीमतों का बोझ न पड़े, इसके लिए फास्फेटिक और पोटेशिक (P&K) उर्वरकों पर ₹41,533 करोड़ की भारी-भरकम सब्सिडी मंजूर की गई है।
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