China gold reserve 2026: दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में इन दिनों एक अलग ही होड़ देखने को मिल रही है, और यह होड़ है- सोना (Gold) जमा करने की।
इस दौड़ में सबसे आगे निकल रहा है हमारा पड़ोसी देश चीन।
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, चीन अब दुनिया का 5वां सबसे ज्यादा सोना रखने वाला देश बन चुका है।
चीन ने इस मामले में रूस को पीछे छोड़ दिया है। अब चीन से आगे सिर्फ चार देश – अमेरिका, जर्मनी, इटली और फ्रांस ही बचे हैं।
फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ‘द कोबेसी लेटर’ के आंकड़ों की मानें तो चीन के पास अब कुल 2,410 टन सोने का विशाल भंडार हो चुका है।

भारत से 3 गुना ज्यादा सोना, टॉप-3 में जगह बनाने के करीब
चीन की रफ्तार को देखकर लग रहा है कि वह बहुत जल्द दुनिया के टॉप-3 देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।
फिलहाल फ्रांस 2,437 टन सोने के साथ चौथे स्थान पर है और इटली 2,452 टन के साथ तीसरे स्थान पर है।
इसका मतलब है कि चीन फ्रांस से सिर्फ 27 टन और इटली से केवल 42 टन पीछे है।
अगर भारत की बात करें, तो भारत इस लिस्ट में 8वें स्थान पर आता है।
भारत के पास फिलहाल करीब 881 टन सोना है। यानी चीन के पास भारत से लगभग 3 गुना ज्यादा गोल्ड रिजर्व मौजूद है।

आखिर क्यों इतना सोना खरीद रहा है चीन?
चीन का केंद्रीय बैंक यानी ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ पिछले 23 महीनों से बिना रुके लगातार सोना खरीदे जा रहा है।
आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ अकेले सितंबर महीने में ही चीन ने 23 टन से ज्यादा सोना खरीदा, जो बीते एक साल में किसी भी एक महीने की सबसे बड़ी खरीदारी है।
इससे पहले जुलाई और अगस्त के महीनों में भी चीन ने 20-20 टन से ज्यादा सोना अपनी तिजोरी में जोड़ा था।
इस साल सितंबर तक चीन कुल 103 टन से ज्यादा सोना खरीद चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन इसी रफ्तार से सोना खरीदता रहा, तो इस साल के अंत तक वह फ्रांस और इटली को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व वाला देश बन जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर चढ़ा सोना: $4,200 औंस के पार
एक तरफ जहां देश सोना जमा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में फिर से तेजी देखी जा रही है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में सोना बढ़कर करीब 4,207 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
वहीं, चांदी भी महंगी होकर 61.12 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने के दाम अचानक बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
* कच्चे तेल में गिरावट: क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) के सस्ते होने से वैश्विक बाजार में महंगाई का डर थोड़ा कम हुआ है।
* सुरक्षित निवेश की चाहत: निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोक सकता है।
जब ब्याज दरों में ठहराव आता है, तो लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करना सबसे बेहतर मानते हैं।
विशेषज्ञों की राय: युद्ध के बाद संभल रहा है बाजार
ओवरसी-चाइनीज बैंकिंग कॉरपोरेशन (OCBC) के सीनियर स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने के दामों को सहारा मिला है।
गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव व युद्ध जैसे हालात बनने के बाद महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी, जिससे सोने की कीमतें करीब 20% तक गिर गई थीं। लेकिन अब बाजार धीरे-धीरे स्थिर हो रहा है।

आने वाले समय में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख से तय होगा कि सोने के दाम आगे किस दिशा में जाएंगे।
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