Katni CSP Neha Pacchisia FIR: कानून और व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस जब खुद कानून की सीमाओं को लांघकर पद का दुरुपयोग करने लगे, तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पुलिसिया धौंस का इस्तेमाल करते हुए 82.86 लाख रुपये कीमत की जमीन को मात्र 18.20 लाख रुपये में अपने करीबियों के नाम ट्रांसफर करा लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है और मुख्य सचिव को CSP नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के आदेश पर कटनी स्थित CSP कार्यालय को सील कर दिया गया है।

82.86 लाख की जमीन का महज 18.20 लाख में हुआ सौदा
यह पूरा घटनाक्रम कटनी के कुठला थाना क्षेत्र की कंहवारा स्थित खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा हुआ है।
यह जमीन हत्या के मामले में नामजद आरोपी रमेश लोधी की थी।
आरोप हैं कि कुठला थाने में दर्ज इस हत्या के मामले में समय पर चालान पेश नहीं किया गया, जिससे आरोपी को जमानत की राहत मिल गई।

इसके बाद पुलिसिया दबाव बनाकर आरोपी पक्ष से उसकी जमीन बेहद कम कीमत पर बेचने के लिए दबाव बनाया गया।
सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक इस जमीन का मूल्य लगभग 82 लाख 86 हजार रुपये था।
हालांकि, दबाव में आकर इसकी रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी नामक व्यक्ति के नाम पर महज 18 लाख 20 हजार रुपये में करा दी गई।
कागजों में 15 लाख रुपये चेक के जरिए और 3.20 लाख रुपये नकद दर्शाए गए।

बैंक जांच में खुला ‘फ्रंटमैन’ और फर्जीवाड़े का राज
जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनु बेनीवाल ने इस पूरे प्रकरण की जांच की। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पता चला कि कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी केवल एक ‘फ्रंटमैन’ था और उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने के लिए पर्याप्त रकम मौजूद ही नहीं थी।
15 अप्रैल 2026 को जिस दिन रजिस्ट्री हुई, उसी दिन मारूफ के खाते में ‘शाइन पार्टनर्स’ के खाते से 10 लाख रुपये और CSP के करीबी माने जाने वाले क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

इतना ही नहीं, जांचकर्ताओं को इन खातों से जुड़ा एक ही पैन (PAN) नंबर भी मिला, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पूरे सौदे के पीछे सुनियोजित आपराधिक सांठगांठ काम कर रही थी।
हाईकोर्ट से झटका और कुठला थाने में FIR दर्ज
मामले की जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद कुठला थाने में CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड़यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई।
इससे पहले CSP नेहा पच्चीसिया ने थानों का प्रभार छीने जाने और अपने खिलाफ उठ रही जांच की कार्रवाई को रोकने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की शरण ली थी।
लेकिन हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इसे पुलिस विभाग का प्रशासनिक और आंतरिक मामला मानते हुए हस्तक्षेप करने से मना कर दिया और उनकी याचिका खारिज कर दी।

हाईकोर्ट से राहत न मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर लिया।
CM मोहन यादव का सख्त एक्शन: ऑफिस सीज, SIT जांच शुरू
मामले के तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पोस्ट कर स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों द्वारा दबाव, लापरवाही या पद का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा।
सीएम के निर्देश पर निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई और गृह विभाग ने विभागीय जांच के साथ-साथ एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।

कार्यालय को सील इसलिए किया गया है ताकि कंहवारा जमीन सौदे से संबंधित केस डायरी, डिजिटल साक्ष्य, बैंक दस्तावेज और रजिस्ट्री पेपर्स के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके।

फिलहाल पुलिस बैंक खातों के लेनदेन और तीनों मुख्य आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
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