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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नाले में गिरा ट्रैवलर, मध्य प्रदेश के 8 लोगों की दर्दनाक मौत

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Khatu Shyam Ji traveler accident: राजस्थान के कोटा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे नाले में जा गिरा।

इस भीषण सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हादसा इतना भयानक था कि ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया।

भोपाल से खाटूश्यामजी के लिए निकले थे सभी लोग

पुलिस और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा परिवार मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का रहने वाला था। ये लोग 4 दिन के राजस्थान टूर पर आए थे और अपनी यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी जा रहे थे।

सभी लोग आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे यह परिवार भोपाल से ट्रैवलर में सवार होकर रवाना हुआ था।

शनिवार सुबह हुआ भयानक हादसा

शनिवार सुबह करीब 6 बजे कोटा के सिमलिया थाना क्षेत्र के कराड़िया टोल के पास यह ट्रैवलर अचानक पुलिया से नीचे जा गिरा।

शुरुआती जांच और पुलिस अधिकारियों की आशंका के मुताबिक, सुबह के वक्त अचानक ड्राइवर को झपकी (नींद का झोंका) आ गई होगी, जिसके कारण गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और यह हादसा हो गया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैवलर का आगे का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और एक यात्री का शव तो कांच को चीरते हुए सीधे डैशबोर्ड के बोनट पर लटक गया था।

ग्रामीणों की मदद से हुई रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत

सुबह सवेरे अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य (रेस्क्यू) शुरू करने में कुछ शुरुआती दिक्कतें आईं।

हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।

बस की खिड़कियों और कांच को तोड़कर अंदर फंसे घायलों और शवों को बाहर निकाला गया।

कई लोग सीटों के बीच इस तरह फंस गए थे कि उन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज

हादसे में घायल हुए 17 लोगों को तुरंत कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल पहुंचने पर कई घायल बेसुध हालत में थे, जिन्हें तुरंत सीपीआर (CPR) दिया गया और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।

डॉक्टर्स के मुताबिक, ज्यादातर घायलों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और हाथ-पैर में भी फ्रैक्चर हुए हैं।

अस्पताल प्रशासन ने मृतकों और घायलों की पहचान की पुष्टि कर दी है।

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में अरुणा, वैष्णवी, त्रिशा, कृष्णा, अनिता, ओम सूर्यवंशी, राजू और बस का ड्राइवर शामिल हैं।

वहीं घायलों में वंदिता, अजय, वेदांत, मोहनिस, आकांक्षी, हेमलता और सारांश समेत अन्य लोग शामिल हैं।

मौके पर ही 7 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई बड़े नेताओं ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर होने वाली तेज रफ्तार और झपकी आने जैसे हादसों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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