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मेरठ में रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी: पति की हत्या के बाद बेड पर छोड़ा था सांप, सजा सुन फूट-फूटकर रोए दोनों

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Meerut snake murder case: मेरठ (उत्तर प्रदेश) की एक अदालत ने 16 अक्टूबर, शुक्रवार को  पति की गला घोटकर हत्या करने और मौत को सांप के डसने से हुआ दिखाने की साजिश रचने वाली पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है।

इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

आइए, जानते हैं इस सनसनीखेज केस के बारे में सब कुछ…

क्या था पूरा मामला?

यह घटना मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव अकबरपुर सादात की है। यहाँ रहने वाले अमित कश्यप की शादी रविता के साथ हुई थी।

उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। अमित टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था।

अमरदीप नाम का एक युवक भी अमित के साथ इसी काम में हाथ बंटाता था और अक्सर उसके घर आना-जाना था।

इसी मेल-जोल के दौरान अमित की पत्नी रविता और अमरदीप के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया।

जब अमित को अपनी पत्नी और दोस्त के इस अवैध रिश्ते (अफेयर) की भनक लगी, तो उसने इसका विरोध किया।

इसके बाद रविता और अमरदीप ने रास्ते से अमित को हमेशा के लिए हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

खौफनाक रात और हत्या की साजिश

17 अप्रैल, 2025 की रात को जब अमित गहरी नींद में सो रहा था, तब रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप को फोन करके घर बुलाया।

दोनों ने मिलकर पहले अमित की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी।

हत्या करने के बाद उन्होंने मामले को एक प्राकृतिक हादसे या सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की।

साजिश के तहत, उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक सपेरे से एक हजार रुपए में एक बूढ़ा और ‘घोड़ा पछाड़’ सांप खरीदा था।

उन्होंने अमित के शव के पास वही सांप छोड़ दिया ताकि सबको लगे कि उसकी मौत सांप के डसने से हुई है।

 

सुबह जब घर के अन्य सदस्य जागे, तो उन्होंने अमित का शव बिस्तर पर देखा और शरीर पर सांप के डसने के निशान पाए।

शुरुआत में परिवारवालों को भी यही लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।

कैसे खुला राज? पुलिस की जांच और बड़े सबूत

परिवार ने सपेरे को बुलवाया जो सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद अमित के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

इस मामले में पुलिस और कोर्ट तक पहुंचने वाले 3 सबसे बड़े सबूत ये रहे:

* पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट:

जब अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, तो सारे राज खुल गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि उसका गला घोटने और दम घुटने से हुई थी।

उसके चेहरे और हाथों पर संघर्ष के निशान और खरोंचें थीं।

* सपेरे की गवाही:

पुलिस द्वारा पकड़े गए सपेरे ने कोर्ट में गवाही दी कि अमरदीप ने उससे देवी जागरण में पूजा करने के बहाने सांप लिया था।

वह सांप पूरी तरह से बूढ़ा और बिना दांतों का था, जिसके काटने से किसी की भी मौत होना असंभव था।

* कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR):

इस केस का सबसे मजबूत आधार दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत बनी।

हत्या से ठीक 24 घंटे पहले रविता और अमरदीप के बीच 65 बार फोन और व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी।

पिछले 6 महीनों में वे दो हजार से ज्यादा बार बात कर चुके थे। जिस नंबर से वे बात करते थे, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड था।

अदालत का फैसला और सजा का ऐलान

पुलिस ने घटना के महज 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत में 551 दिनों तक चली सुनवाई के दौरान 87 तारीखें पड़ीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

7 अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को अमित की हत्या का दोषी करार दे दिया था।

शुक्रवार को अदालत ने सजा के ऐलान से पहले दोनों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष सुना। जज ने दोनों से पूछा कि वे क्या चाहते हैं।

* रविता ने रोते हुए कहा, “मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनका ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगी।

* अमरदीप ने कहा, “मेरे बूढ़े मां-बाप हैं, उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है।” यह कहते हुए वह भी रोने लगा।

अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही, जज ने यह भी निर्देश दिए कि रविता के तीनों मासूम बच्चों की देखभाल मेरठ के डीएम (जिला मजिस्ट्रेट) द्वारा की जाएगी ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।

परिवार का दर्द और न्याय की गुहार

मृतक अमित की मां मुनेश देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनकी बहू ने अपना सुहाग उजाड़कर उनके तीन मासूम पोते-पोत्रियों को अनाथ कर दिया है।

उन्होंने मांग की कि जैसे उनके बेटे को तड़पाकर मारा गया, वैसे ही इन हत्यारों को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

अमित के भाई संदीप ने भी कहा कि यदि रविता को भाई के साथ नहीं रहना था, तो वह उसे छोड़ सकती थी, लेकिन इस तरह बेरहमी से मारना बर्दाश्त के बाहर है।

जेल प्रशासन के मुताबिक, जेल में बंद रहने के दौरान रविता और अमरदीप का व्यवहार सामान्य रहा है।

रविता जेल में खाना बनाने और सफाई के साथ-साथ मेहंदी लगाने का काम भी करती है, जबकि अमरदीप खेल का सामान बनाने में मदद करता था।

हालांकि, सजा सुनाए जाने के बाद दोनों काफी तनाव में हैं और लगातार रो रहे हैं।

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