Meta restores PM Modi video: PM नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ से हटाया गया वीडियो आखिरकार रीस्टोर (पुनर्स्थापित) कर दिया गया है।
कंपनी की पैरेंट ऑर्गेनाइजेशन Meta ने मंगलवार को इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह सब एक “तकनीकी गड़बड़ी” (Technical Glitch) के कारण हुआ था और वीडियो गलती से प्लेटफॉर्म से हट गया था।
दरअसल, पिछले कुछ घंटों से प्रधानमंत्री का यह वीडियो फेसबुक पर दिखाई नहीं दे रहा था।
जैसे ही लोगों का ध्यान इस तरफ गया, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सवाल उठने लगे।


मामला बढ़ता देख केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने Meta के ग्लोबल हेड और पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है।
इसी बीच मेटा में इसे तकनीकी खराबी बात कर माफी मांग ली है।

23 जुलाई के वीडियो में क्या खास था?
यह पूरा मामला 23 जुलाई की देर रात (लगभग 12 बजे) प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर शेयर किए गए 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश से जुड़ा है।
इस वीडियो में उन्होंने देश के युवाओं (Gen-Z) और छात्रों को सीधे संबोधित किया था।
वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा था:
“पेपर लीक कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है। यह लाखों होनहार छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दर्दनाक होता है। पिछले ढाई महीनों में हमारी सरकार ने इस पर लगाम लगाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। दोषियों को पकड़ा जा चुका है और वे जेल में हैं। हमारी प्राथमिकता यह थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए बहुत ही कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम दोबारा कराया गया और 19 जुलाई को परिणाम भी जारी कर दिए गए।”

PM ने यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार इतने पर ही नहीं रुकेगी और मामलों के फौरन निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पूरा घटनाक्रम 3 मई को हुए NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद से जुड़ा हुआ है।

पेपर लीक मामले पर PM ने जारी किए थे लगातार संदेश
छात्रों के गुस्से और देश भर में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर लगातार युवाओं से संवाद बनाए रखा:
* 24 जुलाई का संदेश: शुक्रवार को PM मोदी ने छात्रों का आभार जताते हुए कहा कि उनके पिछले वीडियो पर जिस तरह का सकारात्मक रिस्पॉन्स और सुझाव मिले हैं, उसके लिए वे सभी के आभारी हैं।
* 26 जुलाई का बड़ा फैसला: छात्रों का आंदोलन खत्म होने के ठीक बाद सरकार ने परीक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (High-Power Task Force) का गठन किया।
इस 6-सदस्यीय टीम की कमान इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है।
पीएम ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से खेलने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

आपत्तिजनक पोस्ट्स पर दिल्ली पुलिस का एक्शन
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों और 20 जुलाई को निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान सोशल मीडिया पर माहौल काफी गर्म था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस दौरान कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां की गई थीं।
पुलिस ने ऐसी सभी भड़काऊ और अमर्यादित पोस्ट्स को हटाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और X जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आधिकारिक नोटिस जारी किए थे।

आखिर सोशल मीडिया से वीडियो कैसे हटते हैं?
बहुत से लोगों के मन में सवाल उठता है कि कोई वीडियो अपने आप या गलती से कैसे हट जाता है?
* AI की निगरानी: Meta जैसी बड़ी कंपनियां सबसे पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड एल्गोरिद्म की मदद से संदिग्ध या नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट की पहचान करती हैं।
* ह्यूमन मॉडरेटर: AI द्वारा फ्लैग किए जाने के बाद कंपनी के ह्यूमन मॉडरेटर्स (मानव समीक्षा टीम) उसकी जांच करते हैं।
* कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स: यदि कंटेंट कंपनी की नीतियों के खिलाफ पाया जाता है, तो उसे डिलीट कर दिया जाता है।
* रीस्टोर प्रक्रिया: कई बार ऑटोमेटेड सिस्टम या ह्यूमन एरर के कारण सही वीडियो भी डिलीट हो जाते हैं। जब यूजर अपील करता है या समीक्षा होती है, तो उसे दोबारा प्लेटफॉर्म पर रीस्टोर कर दिया जाता है।
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