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सोनम वांगचुक को मेदांता में शिफ्ट करें- दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश; जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP Protest Sonam Wangchuk: दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर मंगलवार को बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है।

वहीं दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 5 FIR दर्ज कर ली हैं।

सोनम वांगचुक मेदांता होंगे शिफ्ट, डॉक्टरों का विशेष पैनल बनेगा

सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन (भूख हड़ताल) पर हैं। 18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी।

इसके खिलाफ वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मांग की थी कि उनके पति को उनकी पसंद के अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।

मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वांगचुक को तुरंत मेदांता अस्पताल भेजने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल वांगचुक के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल दस्तावेज मेदांता को सौंपेगा।

साथ ही मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉक्टरों का एक विशेष पैनल बनाएंगे, जो उनके आगे के इलाज और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अनशन जारी रखने का फैसला

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक सोमवार को अपना 23 दिनों से चला आ रहा अनशन खत्म करने वाले थे।

संगठन के लोगों ने उन्हें इसके लिए बड़ी मुश्किल से राजी किया था ताकि उनकी जान को कोई खतरा न हो।

हालांकि, सोमवार की देर शाम जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कथित बर्बरता को देखने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना फैसला बदल दिया।

अब उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।

दीपके ने साफ किया कि पुलिस के रवैये को देखते हुए आंदोलन और अनशन दोनों जारी रहेंगे, हालांकि वे फिलहाल दोबारा संसद मार्च नहीं निकालेंगे ताकि छात्रों की सुरक्षा को खतरा न पहुंचे।

जंतर-मंतर पर तनाव, CJP समर्थकों के नारे और पुलिस की सख्ती

जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। दोपहर तक मौके पर हजारों की संख्या में आंदोलनकारी जमा थे।

सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को नाश्ता भी बांटा।

जब सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो CJP समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

इससे पहले सोमवार देर शाम पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली करा लिया था, लेकिन देर रात प्रदर्शनकारी एक बार फिर वहीं इकट्ठा हो गए।

लाठीचार्ज पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार: “हमें इसमें न घसीटें”

संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्यधिक बल प्रयोग और लाठीचार्ज के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के सामने जब एक वकील ने इस मामले की तुरंत सुनवाई की मांग की, तो अदालत ने काफी सख्त टिप्पणी की।

बेंच ने कहा— “कोर्ट को इस सब में मत घसीटो।”

हालांकि, अदालत ने इस याचिका पर अब बुधवार को सुनवाई करने का समय तय किया है, जिसमें याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।

हिंसा मामले में 5 FIR दर्ज, 250 से ज्यादा वीडियो की जांच

सोमवार को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा, पत्थरबाजी और झड़प में 60 प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

इसके अलावा 70 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग, बाराखंभा रोड और कनॉट प्लेस थानों में कुल 5 FIR दर्ज की हैं।

ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

इनमें दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप शामिल हैं।

पुलिस इस मामले में CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया के करीब 250 से ज्यादा वीडियो खंगाल रही है ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके।

पीएम मोदी का बयान: पेपर लीक के दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस पूरे राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम के बीच संसद परिसर में हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बड़ा बयान दिया।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि देश में पेपर लीक मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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फिलहाल जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है। अब देखना है कि आगे इस प्रदर्शन में और क्या-क्या होगा।

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