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दिल्ली में CJP का भारी हंगामा: संसद मार्च के बीच सरकार से बातचीत शुरू, शाह से मिले धर्मेंद्र प्रधान; दीपके ने तोड़ी भूख हड़ताल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP parliament march Delhi: राजधानी दिल्ली में सोमवार को स्थिति उस समय काफी तनावपूर्ण हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता और समर्थक संसद भवन की ओर बढ़ने लगे।

संसद के मानसून सत्र के दौरान घटित इस घटना से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

जैसे ही प्रदर्शनकारी संसद के बेहद करीब पहुंचे, एहतियातन संसद भवन का मेन गेट बंद कर दिया गया और आसपास के सभी रास्तों पर सुरक्षा बल की तैनाती बढ़ा दी गई।

जब भीड़ ने बैरिकेड्स लांघकर संसद में प्रवेश करने का प्रयास किया, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए।

जिस समय यह पूरा घटनाक्रम चल रहा था, उस वक्त संसद की कार्रवाई जारी थी और प्रधानमंत्री समेत देश के कई बड़े नेता व सांसद भवन के अंदर ही मौजूद थे।

जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और शहर भर में सुरक्षा सख्त

संसद मार्च को लेकर सुबह से ही दिल्ली की सड़कों पर गहमागहमी बनी हुई थी।

जंतर-मंतर पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई लेयर की बैरिकेडिंग की थी।

जब गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस को बल प्रयोग (लाठीचार्ज) भी करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों की हलचल सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रही।

सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों में दाखिल हो गए थे।

इसके अलावा सुबह लगभग 10 बजे के आसपास प्रदर्शनकारियों का एक दल बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने स्थिति को बहुत ही पेशेवर तरीके से संभाला है और हिंसा की भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है।

अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल खत्म, सरकार से वार्ता शुरू

इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले ढाई दिनों से अनशन पर थे।

हालांकि, दोपहर में सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आने के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

दीपके ने घोषणा की कि जब तक सरकार के साथ प्रतिनिधियों की चर्चा चल रही है, तब तक के लिए प्रदर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

इसी सिलसिले में CJP के दो मुख्य प्रवक्ताओं (सौरभ दास और आशुतोष रांका) ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।

वहीं, आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी एक महत्वपूर्ण बैठक की।

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा CJP समर्थकों और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की सबसे प्रमुख मांगों में से एक रहा है।

अस्पताल से सोनम वांगचुक की मांगें और पत्नी की याचिका

दूसरी ओर, पिछले 23 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज करने की मांग की।

वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन मुख्य शर्तें रखी हैं:

* सरकार देश में शिक्षा व्यवस्था के बिगड़े हालात और पेपर लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी ले।

 * CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद में जाकर बात रखने की इजाजत दी जाए और सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाने का भरोसा दें।

 * यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण वे संसद नहीं जा सकते, तो सांसद खुद अस्पताल आकर उन्हें यह आश्वासन दें।

इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

उन्होंने एकल जज के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें अस्पताल में वांगचुक के इलाज में कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था।

याचिका में कहा गया है कि बिना किसी औपचारिक गिरफ्तारी के किसी व्यक्ति को अस्पताल में इस तरह रोकना ‘सूचित सहमति’ (Informed Consent) और इलाज स्वीकार या अस्वीकार करने के उसके मौलिक अधिकार का हनन है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल संसद और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद कड़ी रखी गई है।

CJP का मार्च सरकार के साथ होने वाली वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा।

दिल्ली पुलिस लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त कर रही है और नागरिकों से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने का आग्रह किया है।

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