Chhindwara Murderer Katha Vachak : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आस्था और विश्वास को झकझोर कर रख दिया है।
खुद को ‘शर्मा महाराज’ बताने वाले एक ढोंगी कथावाचक ने धर्म की आड़ में न सिर्फ एक युवक को अपनी हवस का शिकार बनाया, बल्कि अपनी पोल खुलने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
इस खौफनाक वारदात में आरोपी कथावाचक के चाचा और चचेरे भाई ने भी शव को ठिकाने लगाने में उसका साथ दिया।

फिलहाल, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह कहानी एक ऐसे अभागे पिता की है, जिसका इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
रोते-बिलखते पिता ने बताया, “उस दिन मेरा और मेरी पत्नी का पशुपतिनाथ का उपवास था। घर में शुद्धता का माहौल था और नॉनवेज नहीं बन रहा था। बेटे को पनीर बहुत पसंद था, इसलिए मैं खास तौर पर उसके लिए बाजार से पनीर खरीदकर लाया था। घर में सब्जी बन ही रही थी, लेकिन मेरा बेटा उसे खाने के लिए कभी घर लौट ही नहीं पाया।”
यह वारदात बीती 10 जून की रात की है। मृतक युवक अपने घर से हनुमानगढ़ मंदिर जाने की बात कहकर निकला था।
जब रात के 10 बज गए और वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता होने लगी।
पिता ने जब बेटे के मोबाइल पर फोन लगाया, तो वह आउट ऑफ रेंज आ रहा था।
इसी दौरान खुद कथावाचक सागर साहू युवक के घर पहुंचा और कहने लगा कि आपका बेटा मेरा मोबाइल लेकर कहीं चला गया है।
चूंकि युवक के पास खुद का एक महंगा फोन था, इसलिए परिवार को सागर की बातों पर शक हुआ।

मंदिर परिसर में मिली युवक की लावारिस बाइक
संदेह होने पर परिजन तुरंत हनुमानगढ़ मंदिर पहुंचे। वहां युवक की मोटरसाइकिल तो खड़ी थी, लेकिन उसका हैंडल लॉक नहीं था।
घरवालों के मुताबिक, उनका बेटा कभी भी अपनी बाइक को बिना लॉक किए नहीं छोड़ता था।
अनहोनी की आशंका के चलते रात 11 बजे से लेकर तड़के 2 बजे तक ग्रामीणों और परिजनों ने मंदिर का चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन युवक का कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
तभी रात करीब 2 बजे अचानक पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई।
करीब आधे घंटे तक चारों तरफ घना अंधेरा छाया रहा, जिससे सर्च ऑपरेशन धीमा पड़ गया।
जैसे ही बिजली वापस आई, रोशनी होते ही लोगों की नजर मंदिर के पास बनी एक 3 फीट ऊंची दीवार पर पड़ी।
वहां लकड़ियों और पुराने कपड़ों के नीचे युवक की लाश छिपी हुई थी।

शव देखते ही वहां मौजूद भीड़ का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने मौके पर मौजूद कथावाचक सागर साहू को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
वृंदावन से सीखी कथा, फिर मंदिर पर जमाया कब्जा
पुलिस की कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी सागर साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
जांच में सामने आया कि सागर साहू वृंदावन से कथा वाचन सीखकर दमुआ लौटा था।
उसने हनुमानगढ़ स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की सेवा करके धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का भरोसा जीता।
महिला की मृत्यु के बाद उसने पूरे मंदिर परिसर पर अपना प्रभाव जमा लिया।
सागर ने गायों के चारे (भूसा) के नाम पर मंदिर परिसर में एक गुप्त कमरा तैयार करवाया था।
हालांकि, यह कमरा सिर्फ नाम का भूसा घर था; पुलिस को छानबीन के दौरान इस कमरे के अंदर कूलर, महंगा फर्नीचर और ऐशो-आराम की तमाम सुविधाएं मिलीं।

भूसा रखने वाले कमरे में दरिंदगी और हत्या
10 जून की शाम जब युवक मंदिर आया, तब वहां कोई और मौजूद नहीं था। सागर उसे बहला-फुसलाकर उसी आलीशान भूसा घर में ले गया और वहां उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य (कुक्रत्य) किया।
जब पीड़ित युवक ने इस घिनौनी हरकत का कड़ा विरोध किया और कहा कि वह घर जाकर अपने माता-पिता और समाज को उसकी हकीकत बता देगा, तो सागर घबरा गया।
अपनी बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से उसने कमरे में रखी गाय बांधने वाली रस्सी उठाई और युवक का गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
बिजली कटने का फायदा उठाकर शव को फेंका
हत्या करने के बाद सागर ने शव को कुछ घंटों के लिए उसी कमरे में छुपाए रखा।
रात 2 बजे जब इत्तेफाक से बिजली गुल हुई, तो उसने तुरंत अपने चाचा संतोष साहू और चचेरे भाई नमन साहू को मदद के लिए बुलाया।
तीनों ने मिलकर शव को कमरे से बाहर निकाला और मंदिर की दीवार के नीचे फेंक दिया, ताकि यह कोई एक्सीडेंट या बाहरी हमला लगे।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मंदिर के पीछे की पहाड़ी से मृतक का अंडरवियर और उसकी बाइक की चाबी बरामद कर ली है, हालांकि युवक का मोबाइल और हाथ का कड़ा अब भी गायब है।
पुलिस ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स से कथा वाचन और धार्मिक रील्स को भी हटवा दिया है और उसकी डिजिटल एक्टिविटी की गहराई से जांच कर रही है।
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