MP weather update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है।
एक तरफ जहां राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके जहरीली हवा की चपेट में हैं, वहीं मध्य प्रदेश में दिवाली के साथ ही ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अभी मौसम का क्या हाल है और आने वाले दिनों में यह कैसा रहने वाला है।
दिल्ली में प्रदूषण की मार, स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई
दिल्ली-NCR में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है।
शनिवार को इंडिया गेट के आस-पास हवा की गुणवत्ता (AQI) 380 दर्ज की गई, जो बेहद खराब श्रेणी में आती है।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली-NCR में GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया है। इसके तहत कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं।
छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को अब ‘हाइब्रिड मोड’ पर चलाने का फैसला लिया गया है।
इसका मतलब है कि बच्चे अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पढ़ाई कर सकेंगे।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य राजस्थान की हवा भी खराब हो रही है।
शनिवार सुबह भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में AQI 300 के पार पहुंच गया, जो खतरनाक स्तर माना जाता है।
मध्य प्रदेश में बिछने लगी ठंड की चादर
इधर मध्य प्रदेश में मौसम खुशनुमा होने लगा है और ठंड अपना असर दिखाने लगी है।
बीती शुक्रवार की रात इंदौर में सबसे ज्यादा ठंड महसूस की गई, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इसके अलावा, शहडोल के कल्याणपुर और दमोह में पारा 12.2 डिग्री, शाजापुर के पास गिरवर में 12.6 डिग्री, उमरिया में 12.7 डिग्री और राजधानी भोपाल समेत पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि आने वाले 4 दिनों में तापमान 1 से 2 डिग्री और नीचे जा सकता है।
ऐसे में कई शहरों में पारा 10-11 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है।
अगर दिन के तापमान (अधिकतम तापमान) की बात करें तो अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, बैतूल, शिवपुरी और करौंदी में यह 30 डिग्री या उससे कम रहा।
हालांकि, छिंदवाड़ा में दिन में थोड़ी गर्मी महसूस हुई, जहां पारा सबसे ज्यादा 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दिवाली पर साफ रहेगा आसमान, बारिश के आसार नहीं
त्योहारों के इस मौसम में अच्छी खबर यह है कि बारिश आपकी खुशियों में कोई खलल नहीं डालेगी।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि शनिवार (रूपचौदस) और 8 नवंबर को पड़ने वाली दिवाली के दिन प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा, जिससे लोग आराम से अपने त्योहार का आनंद ले सकेंगे।
15 नवंबर के बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड
मध्य प्रदेश में पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड देखें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े (15 नवंबर के बाद) से ठंड काफी तेज हो जाती है। इस बार भी मौसम का यही ट्रेंड रहने का अनुमान है।
खासकर ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में, जहां सीधे उत्तर भारत की ठंडी हवाएं आती हैं, वहां तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
इतिहास पर नजर डालें तो ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में रात का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले न्यूनतम पारा 2.3 डिग्री तक जा चुका है।
इसके अलावा, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के महीने में बारिश का भी ट्रेंड रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के तीसरे और चौथे हफ्ते में कुछ मौसमी सिस्टम एक्टिव हो सकते हैं, जिसकी वजह से हल्की बारिश भी हो सकती है।
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