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दिवाली की खुशियों पर महंगाई का ब्रेक: 40% महंगे हुए पटाखे, मिठाइयों और ड्राई फ्रूट्स ने बिगाड़ा घर का बजट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Diwali inflation 2026: दिवाली का त्योहार नजदीक है और बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं।

चारों तरफ रंग-बिरंगी लाइटें, मिठाइयों की खुशबू और त्योहार की रौनक साफ देखी जा सकती है।

लेकिन, इस जगमगाते माहौल के पीछे एक कड़वी सच्चाई भी छिपी है, और वह है महंगाई।

इस साल बढ़ती कीमतों ने आम आदमी और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है।

पिछले साल की तुलना में इस बार सुई से लेकर सोने तक, हर चीज के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोगों को अपनी खरीदारी की लिस्ट में भारी कटौती करनी पड़ रही है।

बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का साफ कहना है कि सिर्फ बच्चों के कपड़े और जूते खरीदने में ही उनका पूरा बजट खत्म हो रहा है।

हालात ये हैं कि जो पैसे पहले पूरे घर के रंग-रोगन, नए कपड़ों, ढेर सारी मिठाइयों और पटाखों के लिए काफी होते थे, इस बार उतने ही पैसों में आधा सामान भी नहीं आ पा रहा है।

दुकानदारों और व्यापारियों के मुताबिक कच्चे माल, ट्रांसपोर्ट, मजदूरी और पैकेजिंग के महंगे होने के कारण इस बार दिवाली का कुल खर्च 18 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

आइए जानते हैं कि इस बार बाजार में किस चीज के दाम कितने बढ़े हैं और इसका आम जनता पर क्या असर हो रहा है।

पटाखे हुए सबसे ज्यादा महंगे, 40% तक का उछाल

दिवाली बिना पटाखों के अधूरी मानी जाती है, लेकिन इस बार बच्चों की यह खुशी माता-पिता की जेब पर बहुत भारी पड़ रही है।

बाजार में पटाखों के दामों में 30 से 40 प्रतिशत तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

* जो चकरी पिछले साल 120 रुपए में आसानी से मिल जाती थी, वह इस बार 200 रुपए की हो गई है।

 * बच्चों का पसंदीदा अनारदाना, जिसका पैकेट पहले 150 रुपए का था, अब 200 रुपए में बिक रहा है।

 * इसके अलावा फुलझड़ी, रॉकेट और सुतली बम जैसे आम पटाखों के दाम भी 30 से 40% तक बढ़ चुके हैं।

भोपाल के पटाखा व्यापारी जीसान बताते हैं कि माल बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल, बारूद, गत्ते की पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट का किराया, सब कुछ महंगा हो गया है।

थोक बाजार से ही माल काफी ऊंचे दामों पर आ रहा है, जिसके डर से दुकानदारों ने इस बार दुकानों में माल का स्टॉक भी कम ही रखा है।

मिठाइयों की मिठास भी हुई महंगी

त्योहार पर घर आए मेहमानों का मुंह मीठा कराना भी इस बार सस्ता नहीं है।

दूध, शक्कर और देसी घी की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर मिठाइयों के भाव पर पड़ा है।

* हर किसी की पसंदीदा काजू कतली, जो पिछले साल 1,100 से 1,200 रुपए प्रति किलो के बीच बिक रही थी, अब सीधे 1,300 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है।

 * वहीं मावे से बनने वाली आम मिठाइयों के दाम भी 600 रुपए से बढ़कर 650 रुपए प्रति किलो हो गए हैं।

ड्राई फ्रूट्स और सजावट के सामान में आग

मेहमानों के स्वागत और गिफ्ट देने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) के भाव भी आसमान छू रहे हैं।

भोपाल के थोक बाजारों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक महीने के अंदर ही बादाम, पिस्ता, काजू और किशमिश की कीमतों में 8 से 30 प्रतिशत तक की तेजी आ गई है।

बाहर से आने वाले मेवों का हवाई भाड़ा और सप्लाई की लागत बढ़ने से कैलिफोर्निया के बादाम और ईरानी नमकीन पिस्ता सबसे ज्यादा महंगे हुए हैं।

इसके साथ ही, घर को सजाने वाले डेकोरेशन के सामान, जैसे कि झालर, दीये, बंदनवार और कंदील की कीमतों में भी 20 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।

घर की साफ-सफाई और पुताई के लिए पेंट और मजदूरों की दिहाड़ी भी इस बार बढ़ गई है।

कपड़ा बाजार से गायब हुए खरीदार

महंगाई की इस चौतरफा मार का असर कपड़े की दुकानों पर साफ नजर आ रहा है।

एक तरफ महंगाई और दूसरी तरफ ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने लोकल बाजारों की रौनक फीकी कर दी है।

कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि उनकी दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में करीब 33 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।

जहां पिछले साल त्योहारी सीजन में हर दिन औसतन 150 ग्राहक आते थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा सिमट कर मात्र 100 ग्राहकों तक रह गया है।

लोगों की खरीदने की क्षमता कम हो गई है और वे सिर्फ बहुत जरूरी कपड़े ही खरीद रहे हैं।

सोना-चांदी और गाड़ियों के भाव

धनतेरस के दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार इन कीमती धातुओं के दाम भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।

* 24 कैरेट सोना: पिछले साल 20 अक्टूबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1,31,272 रुपए था, जो अब 3 नवंबर 2026 को बढ़कर 1,41,111 रुपए हो गया है। यानी इसमें सीधे तौर पर 9,839 रुपए (करीब 7.5%) की बढ़ोतरी हुई है।

 * चांदी: 1 किलो चांदी की कीमत 1,68,661 रुपए से उछलकर 1,84,273 रुपए पर आ गई है। इसमें 15,612 रुपए (करीब 9.3%) की जबरदस्त तेजी देखी गई है।

 * इसके अलावा अगर कोई धनतेरस पर गाड़ी खरीदने का मन बना रहा है, तो वहां भी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।

उदाहरण के लिए, मारुति डिजायर (LXi) की एक्स-शोरूम कीमत 6,25,674 रुपए से बढ़कर 6,30,600 रुपए हो गई है।

कुल मिलाकर, इस साल की दिवाली आम जनता के लिए आर्थिक रूप से एक बड़ी चुनौती बन गई है।

त्योहार की खुशी अपनी जगह है, लेकिन बाजार की इस महंगाई ने लोगों को अपनी इच्छाओं को सीमित करने और बहुत ही नाप-तौल कर खर्च करने पर मजबूर कर दिया है।

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