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बारिश का ‘रेड अलर्ट’: MP और राजस्थान के 15 शहरों में बाढ़ जैसे हालात, भोपाल के डैम लबालब

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Heavy rainfall alert: देशभर में इस समय मानसून अपनी पूरी रंगत में है।

उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन की रफ्तार रोक दी है।

खासकर मध्य प्रदेश और राजस्थान के हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं।

दोनों राज्यों के 15 से अधिक शहरों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

सड़कों पर जलभराव, नदियों का उफान और डैम का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

मध्य प्रदेश: भोपाल में स्कूलों की छुट्टी, कई सड़कें पानी में डूबीं

मध्य प्रदेश में बारिश का एक नया और बेहद मजबूत सिस्टम एक्टिव हो गया है।

इसके असर से राज्य के बड़े हिस्से में लगातार बारिश हो रही है।

राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां रविवार रात से जारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।

* सड़कों पर पानी और पेड़ गिरे: भोपाल की मशहूर Vip रोड पर एक बड़ा पेड़ गिरने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

इसके अलावा जेपी अस्पताल परिसर में भी एक पुराना पेड़ गिर गया। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर निचले इलाकों में पानी भर चुका है।

* स्कूलों में छुट्टी: लगातार बिगड़ते मौसम और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भोपाल प्रशासन ने सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

* डैम का बढ़ा जलस्तर: भोपाल में करीब 7 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते शहर के प्रमुख जलस्रोतों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है।

कलियासोत डैम में 1 फीट, केरवा डैम में 3 फीट और कोलार डैम में 1 फीट तक पानी बढ़ चुका है।

सीहोर, राजगढ़ और अन्य जिलों की स्थिति

भोपाल के आसपास के जिलों में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है:

* सीहोर: सीहोर के श्यामपुर इलाके में महज पांच घंटे में 8.3 इंच बारिश दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश के चलते श्यामपुर, चरनाल, झरखेड़ा और छतरी इलाकों के कई मकानों में पानी घुस गया है।

* ब्यावरा (राजगढ़): ब्यावरा के खजूरिया रेलवे अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने के कारण आसपास के करीब 25 गांवों का शहर से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

* आगर मालवा और शाजापुर: आगर मालवा में देर रात से शुरू हुई बारिश के बाद अब तक कुल 18 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। शाजापुर में केवल 6 घंटे में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा।

* अन्य जिले: विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, गुना, उमरिया और बैतूल में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

उमरिया में जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

राहत की बात केवल इतनी है कि इस बारिश से सूख रही फसलों को नया जीवन मिला है।

राजस्थान: सड़कों पर जलभराव, ओवरफ्लो हुए बांध

राजस्थान में भी मानसून की मार साफ देखी जा सकती है।

जयपुर के कानोता डैम और झालावाड़ के कालीखाड़ डैम के ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

* बीकानेर: बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया है।

* बाड़मेर: बाड़मेर के मुख्य बाजारों, रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी और अस्पताल मार्ग पर 2 से 4 फीट तक पानी बह रहा है।

कई दुकानों और घरों के अंदर पानी घुसने से लोगों का भारी नुकसान हुआ है।

उत्तर प्रदेश: 10 नदियां खतरे के निशान के पार

उत्तर प्रदेश में नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं।

गंगा और यमुना समेत 10 मुख्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

* फर्रुखाबाद और बिजनौर: इन जिलों में गंगा का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) के ऊपर से बह रहा है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई है।

* गांव डूबे: राज्य के करीब 40 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। लोग अपने घर छोड़कर सड़कों के किनारे टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।

* वाराणसी (काशी): काशी के प्रसिद्ध 84 घाटों को आपस में जोड़ने वाले सभी रास्ते जलमग्न हो चुके हैं।

गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पानी मणिकर्णिका घाट तक पहुंच चुका है।

हिमाचल प्रदेश: 124 सड़कें बंद, अब तक 155 लोगों की मौत

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी बारिश आफत बनकर टूटी है।

भूस्खलन और मलबे के कारण राज्य की 124 सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं।

* मंडी और कुल्लू प्रभावित: सड़कें बंद होने से मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 51 रास्ते ठप हैं। कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कों पर यातायात बंद है।

* बिजली संकट: राज्य के करीब 255 बिजली ट्रांसफॉर्मर (DTR) खराब हो चुके हैं, जिससे कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं।

* जान-माल का नुकसान: इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक 155 लोगों की जान जा चुकी है।

इनमें से 68 लोगों की मौत सीधे तौर पर प्राकृतिक आपदाओं (भूस्खलन, बाढ़) के कारण हुई है, जबकि 87 लोगों की जान बारिश के कारण हुए सड़क हादसों में गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इन राज्यों में बारिश से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।

प्रशासन ने लोगों को नदियां-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

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