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आसमान से बरस रही आग: MP के 16 जिलों में ‘लू’ का रेड अलर्ट, स्कूलों का समय बदला

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather Update: मध्य भारत में गर्मी अब केवल परेशानी नहीं, बल्कि जानलेवा साबित होने लगी है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण ‘हीटवेव’ (लू) की चपेट में हैं।

सूरज की तपिश और गर्म पछुआ हवाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मध्य प्रदेश: खजुराहो और विदिशा में झुलसाने वाली गर्मी

मध्य प्रदेश में शुक्रवार का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।

छतरपुर जिले के पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 43.2°C दर्ज किया गया, जबकि विदिशा में यह 43.5°C तक जा पहुंचा।

आलम यह है कि प्रदेश के 9 बड़े शहरों में पारा 42 डिग्री के आंकड़े को पार कर चुका है।

मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को प्रदेश के 16 जिलों में ‘लू’ (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं।

यहाँ दोपहर के समय गर्म और शुष्क हवाएं (लू) चलेंगी, जिससे शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के समय में बदलाव

बढ़ती गर्मी को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सख्त हो गए हैं।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित 12 जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।

राजधानी भोपाल में अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ही लगेंगे।

कलेक्टरों ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि बच्चों को दोपहर की भीषण धूप से बचाना प्राथमिकता है।

छत्तीसगढ़: राजनांदगांव बना सबसे गर्म शहर

छत्तीसगढ़ में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं। राजनांदगांव में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है।

मौसम विभाग ने यहाँ येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि रायपुर में तापमान 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन उमस और चिलचिलाती धूप ने लोगों का पसीना निकाल दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 4-5 दिनों तक हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इससे तापमान में कोई खास कमी नहीं आएगी।

उल्टा, उमस बढ़ने से बेचैनी और बढ़ सकती है। साल 2025 में अप्रैल के महीने में पारा 45.5 डिग्री तक गया था, और इस बार भी आसार वैसे ही नजर आ रहे हैं।

क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक एक ‘द्रोणिका’ (Trough line) बनी हुई है।

साथ ही, महाराष्ट्र और तेलंगाना के ऊपर ‘एंटी-साइक्लोन’ सक्रिय है।

इन मौसमी तंत्रों की वजह से हवाओं का रुख बदला है और नमी कम हो गई है, जिससे सीधे धूप का असर बढ़ गया है।

अगले 48 घंटों में तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

जनजीवन और बिजली संकट

भीषण गर्मी का असर अब बाजारों और दफ्तरों पर भी दिख रहा है।

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।

लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं।

वहीं, एसी और कूलर के लगातार चलने से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई इलाकों में ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंक रहे हैं और बिजली कटौती की समस्या पैदा हो रही है।

बचाव के लिए क्या करें? (हेल्थ टिप्स)

पानी का भरपूर सेवन: प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS), नींबू पानी या छाछ का प्रयोग करें।

सही कपड़ों का चुनाव: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।

दोपहर में सावधानी: दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।

खान-पान: तरबूज, ककड़ी और खीरा जैसे मौसमी फल खाएं जो शरीर में नमी बनाए रखते हैं।

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