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सिर्फ ‘Melodi’ का जादू नहीं, बिजनेस और डिफेंस की भी बात; जानिए पीएम मोदी के इटली दौरे के असली मायने

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

PM Modi Meloni Selfie: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ती एक बार फिर सोशल मीडिया से लेकर डिप्लोमैटिक गलियारों तक में छा गई है।

पीएम मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे।

यह प्रधानमंत्री मोदी का इटली का पहला ‘आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा’ है।

रोम पहुंचते ही इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ एक बेहद खूबसूरत सेल्फी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की और कैप्शन में लिखा— “वेलकम टु रोम, माय फ्रेंड” (रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त)।

देखते ही देखते यह तस्वीर इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई। दोनों नेताओं की यह ट्यूनिंग नई नहीं है।

इससे पहले 2023 में दुबई के COP28 सम्मेलन की ‘गुड फ्रेंड्स’ वाली सेल्फी और 2024 में जी-7 समिट के दौरान ‘हैलो फ्रॉम द मेलोडी टीम’ वाले वीडियो ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

कोलोसियम की सैर और साथ में डिनर

पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ फाइलों और मीटिंग्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें एक दोस्ताना और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला।

रोम पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने एक साथ डिनर किया, जहां दोनों देशों के बीच के मजबूत होते रिश्तों पर अनौपचारिक बातचीत हुई।

इसके बाद, पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने रोम के ऐतिहासिक और दुनिया के अजूबों में शामिल ‘कोलोसियम’ का दौरा भी किया।

सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर लोग काफी दिलचस्पी ले रहे हैं, लेकिन अगर हम डिप्लोमेसी के चश्मे से देखें, तो इस दौरे की अहमियत सिर्फ एक सेल्फी से कहीं ज्यादा बड़ी है।

मार्च 2023 में जब जॉर्जिया मेलोनी भारत आई थीं, तब इस दोस्ती की मजबूत नींव रखी गई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2023 से लेकर अब तक, यानी पिछले लगभग तीन सालों में दोनों नेताओं की यह 8वीं मुलाकात है।

इस दौरे के असली मायने क्या हैं?

प्रधानमंत्री मोदी का यह इटली दौरा भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद खास है।

आइए इसे 4 बड़े पॉइंटर्स में समझते हैं:

1. यूरोप में भारत का बढ़ता दबदबा

इटली यूरोप की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। पीएम मोदी ने अपनी इस विदेश यात्रा के दौरान यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया और आखिर में इटली पहुंचे।

इटली के साथ भारत के रिश्ते मजबूत होने का सीधा मतलब है कि पूरे यूरोपियन यूनियन (EU) में भारत की पैठ और मजबूत होगी।

चीन के ‘बैलेंस ऑफ पावर’ को टक्कर देने के लिए भारत का यूरोप के करीब आना बेहद जरूरी है।

2. बिजनेस और बड़ा निवेश

पीएम मोदी के इस दौरे में सिर्फ सरकारी मुलाकातें नहीं हो रही हैं, बल्कि भारत के कई बड़े बिजनेसमैन भी उनके साथ इटली गए हैं।

मोदी आज इटली के दिग्गज उद्योगपतियों (CEOs) के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करने वाले हैं।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा भारत में निवेश बढ़ाना, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को बूस्ट देना और नई औद्योगिक पार्टनरशिप शुरू करना है।

इटली की कंपनियां भारत के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट में बड़ा निवेश कर सकती हैं।

3. डिफेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी

भारत और इटली के बीच व्यापार के साथ-साथ डिफेंस (रक्षा) और एडवांस टेक्नोलॉजी को लेकर भी गंभीर बातचीत होने वाली है।

भारत अपनी सेना के आधुनिकीकरण के लिए नई तकनीकों की तलाश में है, और इटली इसमें एक बड़ा साझेदार बन सकता है।

इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी, रिन्यूएबल एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) और ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी दोनों देशों की सहमति बनने की उम्मीद है।

4. वैश्विक मुद्दों पर एक राय

इस समय दुनिया कई मोर्चों पर तनाव झेल रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल-ईस्ट (इजरायल-हमास) के संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।

पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच इन वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र की सुरक्षा और एनर्जी सिक्योरिटी पर भी चर्चा होगी।

FAO मुख्यालय का दौरा और भारत की प्रतिबद्धता

अपने इस व्यस्त दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय भी जाएंगे।

यहां जाकर भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह वैश्विक खाद्य सुरक्षा (Global Food Security) को लेकर कितना गंभीर है।

भारत ने हमेशा से दुनिया के गरीब और विकासशील देशों को अनाज और मदद पहुंचाई है, और पीएम मोदी FAO के मंच से इसी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराएंगे।

एक दिवसीय दौरे का बड़ा इम्पैक्ट

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने इटली के अपुलिया गए थे, लेकिन एक आधिकारिक द्विपक्षीय दौरे के रूप में यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है।

आज रात को ही पीएम मोदी भारत के लिए रवाना हो जाएंगे, लेकिन इस एक दिन के दौरे में जो समझौते और बातचीत हुई है, उसका असर आने वाले कई सालों तक भारत-इटली के रिश्तों और वैश्विक राजनीति पर देखने को मिलेगा।

मेलोनी और मोदी की यह सेल्फी महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि दो उभरती महाशक्तियों के आपसी भरोसे की एक मजबूत गवाही है।

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