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MP में कहीं घना कोहरा तो कहीं बारिश: बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather Rain Alert: मध्य प्रदेश में इस वक्त मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं।

कहीं लोग सुबह उठते ही घने कोहरे की सफेद चादर देख रहे हैं, तो कहीं हल्की बारिश और बूंदाबांदी ने फिजां में ठंडक घोल दी है।

शनिवार की सुबह ग्वालियर, दतिया और रीवा संभाग के इलाकों में इतनी धुंध थी कि 50 मीटर की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था।

रीवा में तो कोहरा इतना गहरा था कि विजिबिलिटी सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई।

बारिश का अलर्ट और मौजूदा स्थिति

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश का पारा और गिर सकता है।

गुना और शाजापुर समेत 8 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

शाजापुर और इंदौर जैसे शहरों में तो हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू भी हो चुका है।

नर्मदापुरम, विदिशा और राजगढ़ जैसे इलाकों में दोपहर तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

कहां कितनी ठंड?

भले ही बादलों की वजह से रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन दिन के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं ने ‘डे-कोल्ड’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।

छतरपुर का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां पारा गिरकर 6°C तक पहुंच गया।

वहीं पचमढ़ी, उमरिया और रायसेन में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

अगले 3 दिनों का ‘वेदर कैलेंडर’

  • 1 फरवरी: ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ-साथ टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की संभावना है।

  • 2 फरवरी: नीमच, मंदसौर और मुरैना जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ पानी गिर सकता है।

  • 3 फरवरी: यह दिन काफी भारी हो सकता है, क्योंकि रीवा, सतना और पन्ना समेत करीब 13 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है।

पहाड़ों की बर्फबारी का एमपी कनेक्शन

हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर हमारे प्रदेश पर पड़ रहा है।

वहां से आने वाली ‘जेट स्ट्रीम’ हवाएं (जो करीब 204 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं) एमपी के तापमान को गिरा रही हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही यह बारिश और बादलों का सिस्टम खत्म होगा, प्रदेश में कड़ाके की ठंड का एक और आखिरी दौर आएगा।

सरहद पर मुश्किल हालात

अगर हम देश की बात करें, तो उत्तर भारत के कई राज्यों में सर्दी का सितम जारी है।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तो हालात इतने खराब हैं कि तापमान -35°C तक चला गया है।

वहां हमारे जवान इतनी ठंड में गश्त कर रहे हैं कि आंखों से निकलने वाला पानी तक जम जा रहा है।

जवानों को खाना बनाने और पीने के लिए बर्फ पिघलानी पड़ रही है।

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