Ladli Behna Yojana Controversy: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन (23 फरवरी, 2026) काफी हंगामेदार रहा।
सदन की कार्यवाही के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा और बहस ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ को लेकर हुई।
विपक्ष ने सरकार को नए रजिस्ट्रेशन और राशि बढ़ाने के वादे पर जमकर घेरा, जिसके बाद सरकार की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई।
पोर्टल कब खुलेगा और नई बहनें कब जुड़ेंगी?
कांग्रेस विधायक महेश परमार और सतीश सिकरवार ने सदन में यह मुद्दा उठाया कि राज्य में लाखों ऐसी महिलाएं हैं जो अब योजना की पात्रता में आती हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण वे अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रही हैं।
विपक्ष ने मांग की कि सरकार तुरंत पोर्टल खोले ताकि नई पात्र बहनों को योजना का लाभ मिल सके।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि 60 साल से ऊपर की महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है, जो कि गलत है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से एक निश्चित तारीख बताने को कहा कि आखिर कब से नए आवेदन लिए जाएंगे।
सरकार का रुख: ‘अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं’
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान में नए पंजीकरण शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक 1.31 करोड़ से अधिक महिलाओं का पंजीयन हुआ था, जिनमें से वर्तमान में 1,25,29,051 बहनें सक्रिय रूप से लाभ ले रही हैं।
मंत्री ने उम्र सीमा पर सफाई देते हुए कहा कि 60 साल से ऊपर की महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है, इसलिए उन्हें इस योजना से अलग किया जाता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बहन का नाम बेवजह नहीं काटा गया है।

3000 रुपये का वादा कब होगा पूरा?
विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कमान संभाली।
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “विपक्ष कहता था कि यह योजना चुनाव के बाद बंद हो जाएगी, लेकिन ढाई साल बाद भी यह शान से चल रही है।”
जब राशि को 3000 रुपये करने की बात आई, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 5 साल के भीतर राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक ले जाने का वादा किया है।
सरकार अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और समय आने पर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि अभी तुरंत राशि में ऐसी कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है।
सदन से कांग्रेस का वॉकआउट
सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार नए पंजीयन की तारीख बताने से बच रही है और महिलाओं को गुमराह कर रही है।
इसके विरोध में कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
आंकड़ों की जुबानी: योजना की वर्तमान स्थिति
- कुल पंजीकृत महिलाएं: 1,31,06,525
- वर्तमान में सक्रिय हितग्राही: 1,25,29,051
- साल 2025-26 में अब तक वितरित राशि: 18,528 करोड़ रुपये
- वर्तमान किस्त: 1,500 रुपये प्रतिमाह
सरकार के रुख से यह साफ है कि फिलहाल नई महिलाओं के लिए पोर्टल नहीं खुलने वाला है और 3000 रुपये की किस्त के लिए भी बहनों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।
सरकार का ध्यान वर्तमान में जुड़ी हुई सवा करोड़ बहनों को समय पर लाभ पहुंचाने पर है।


