PM Modi on Middle East Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के मौजूदा हालातों पर एक महत्वपूर्ण भाषण दिया।
करीब 21 मिनट के इस संबोधन में पीएम ने साफ कर दिया कि अगर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जंग जारी रहती है, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे।
पीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि यह जंग जारी रही, तो इसके “गंभीर दुष्परिणाम” होंगे और आने वाला समय भारत के लिए किसी “बड़ी परीक्षा” से कम नहीं होगा।
उन्होंने सभी राज्यों से एकजुट होकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर बात की, बल्कि देश के भीतर आम नागरिक, किसान और राज्यों की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
🚨 HUGE! PM Modi in Rajya Sabha drops stark WARNING
– “The war is changing EVERY SECOND, we must prepare for consequences that could LAST A LONG TIME!”🤯
Urging the nation to stay alert & strong amid global chaos 🎯 pic.twitter.com/nB0HsUVfEo
— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) March 24, 2026
आइए, इस पूरी स्थिति को समझते हैं और जानते हैं पीएम के भाषण की अहम बातें…
राज्यों से एकजुटता की अपील
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस वैश्विक संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।
इससे निपटने के लिए उन्होंने केंद्र और राज्यों को ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम करने का आह्वान किया।
- गरीबों की सुरक्षा: युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। पीएम ने राज्यों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि ‘पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना’ का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे।
- कालाबाजारी पर लगाम: संकट के समय कुछ लोग फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। पीएम ने निर्देश दिया कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- आर्थिक विकास: पीएम ने स्पष्ट किया कि चाहे संकट कितना भी बड़ा हो, भारत की ‘ग्रोथ रेट’ (विकास दर) धीमी नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए जरूरी रिफॉर्म्स (सुधार) जारी रहेंगे।
🗣️ PM Modi in Rajya Sabha:
— West Asia war has created a DIFFICULT situation for India
— Bharat backs dialogue and diplomacy; in touch with Israel, Iran and the US
— Efforts underway to ensure SAFE PASSAGE of Indian shipspic.twitter.com/YoPHKUvBgb— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) March 24, 2026
होर्मुज स्ट्रेट संकट: व्यापार और क्रू मेंबर्स की चिंता
ईरान और ओमान के बीच स्थित ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है। पीएम मोदी ने इस पर गहरी चिंता जताई।
- सप्लाई चेन पर असर: भारत का अधिकांश कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर (खाद) इसी रास्ते से आता है। युद्ध के कारण व्यापारिक जहाजों का आवागमन बाधित हुआ है।
- भारतीय क्रू की सुरक्षा: होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य मौजूद हैं। पीएम ने कहा कि कर्मशियल जहाजों पर हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और भारत कूटनीति के जरिए उनकी सुरक्षित वापसी की कोशिश कर रहा है।
West Asia conflict | In Rajya Sabha, Prime Minister Narendra Modi says the safety and livelihoods of nearly one crore Indians in Gulf countries remain a top concern, as many ships-including those with Indian crew-are stranded in the Strait of Hormuz. He stresses that in such a… pic.twitter.com/Th5HgwCAZ5
— New India Junction (@nijunction) March 24, 2026
‘एम्पॉवर्ड ग्रुप’ का गठन: कोरोना जैसी तैयारी
जिस तरह कोरोना काल में सरकार ने संकट से निपटने के लिए अफसरों के विशेष समूह बनाए थे, उसी तर्ज पर इस युद्ध के आर्थिक प्रभावों से लड़ने के लिए 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप (Empowered Groups) बनाए गए हैं।
ये ग्रुप निम्नलिखित विषयों पर तत्काल रणनीति बनाएंगे:
- पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई।
- खाद (फर्टिलाइजर) की उपलब्धता।
- महंगाई पर नियंत्रण।
- ग्लोबल सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटें।
#WATCH | West Asia conflict | In Rajya Sabha, PM Narendra Modi says, “It is the efforts of our Govt to ensure that we do not remain overly dependent on just one source of fuel. Besides LPG, Govt is emphasising on PNG too. In the last decade, unprecented work has been done over… pic.twitter.com/nlacE6YRSr
— ANI (@ANI) March 24, 2026
किसानों को भरोसा: खाद और बुआई की तैयारी
सामने बुआई का सीजन है और युद्ध के कारण खाद के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ सकते हैं या सप्लाई कम हो सकती है। इ
स पर पीएम ने देश के किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार ने पहले से ही खाद का पर्याप्त स्टॉक और इंतजाम कर लिया है।
उन्होंने राज्यों से भी सहयोग मांगा ताकि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।
भारतीयों की सुरक्षा: प्राथमिकता और प्रयास
खाड़ी देशों (Gulf Countries) में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- घर वापसी: युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। अकेले ईरान से 1,000 से अधिक लोग आए हैं, जिनमें ज्यादातर मेडिकल छात्र हैं।
- दुखद क्षति: पीएम ने स्वीकार किया कि हमलों में कुछ भारतीयों की जान गई है और कुछ लापता हैं। सरकार पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद कर रही है।
PM @narendramodi delivers his remarks on #WestAsia crisis in Rajya Sabha.
He says, “Around one crore Indians live and work in the Gulf countries, and ensuring the safety of their lives and livelihoods is also a major concern for India.”#WestAsia pic.twitter.com/vsA1f8R2DC
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 24, 2026
आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता
प्रधानमंत्री ने इस संकट को भारत के लिए एक सबक के रूप में भी पेश किया। उन्होंने कहा कि हम कब तक दूसरे देशों पर निर्भर रहेंगे?
- शिपिंग सेक्टर: भारत का 90% से ज्यादा तेल विदेशी जहाजों के जरिए आता है। पीएम ने कहा कि अब हम तेजी से अपने खुद के मालवाहक जहाज बनाने पर काम कर रहे हैं ताकि युद्ध जैसी स्थिति में हम लाचार न हों।
- रक्षा और दवाइयां: पिछले एक दशक में भारत ने हथियारों और जीवन रक्षक दवाओं के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल की है, जिसका लाभ आज ऐसे संकट के समय मिल रहा है।
#WATCH | West Asia conflict | In Rajya Sabha, PM Narendra Modi says, “The current crisis has shaken the entire global economy. The world will take a lot of time to recover from the loss in West Asia. To ensure that there is minimal impact on India, continuous efforts are being… pic.twitter.com/44vSCLtGlC
— ANI (@ANI) March 24, 2026
कूटनीति का संदेश
पीएम मोदी ने अंत में शांति की अपील करते हुए कहा कि भारत लगातार अमेरिका, इजराइल, ईरान और अन्य खाड़ी देशों के संपर्क में है।
भारत का स्टैंड साफ है—“युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, शांति केवल डायलॉग और डिप्लोमेसी (संवाद और कूटनीति) से ही आ सकती है।”
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि आने वाला समय कठिन हो सकता है, लेकिन अगर हम धैर्य, संयम और एकजुटता के साथ काम करेंगे, तो भारत इस वैश्विक परीक्षा में भी सफल होगा।
VIDEO | Parliament session: PM Narendra Modi, in his remarks in the Lok Sabha on the ongoing West Asia conflict, says, “The government is appealing to all sides for peace. This war has created unexpected challenges for India—economic, national security, and humanitarian. India… pic.twitter.com/ucgl8318DR
— Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
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